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One Nation One Election: 2034 तक देश में नहीं हो सकेंगे एक साथ चुनाव, जानें विधेयक के प्रस्तावों में क्या-क्या

Sun, 15 Dec 2024 09:42 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विधेयक में कहा गया है कि अगर लोकसभा या किसी विधानसभा अपने पूर्ण कार्यकाल से पहले भंग कर हो जाती है तो मध्यावधि चुनाव सिर्फ उस सदन के पांच साल के कार्यकाल को पूरा करने के लिए ही कराए जाएंगे।
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देश की चुनावी व्यवस्था - फोटो : Freepik
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 'एक देश, एक चुनाव' विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके बाद शुक्रवार को इसके प्रस्तावों से जुड़ी प्रतियां प्रसारित की गई हैं। इन नए प्रस्तावों के मुताबिक, देश में एक साथ चुनाव कराने का कार्यक्रम 2034 तक जमीन पर लागू नहीं हो सकेगा। सूत्रों ने बताया कि इस फैसले के बाद जल्द एक व्यापक विधेयक आने की उम्मीद है। 
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विधेयक में कहा गया है कि अगर लोकसभा या किसी विधानसभा अपने पूर्ण कार्यकाल से पहले भंग कर हो जाती है तो मध्यावधि चुनाव सिर्फ उस सदन के पांच साल के कार्यकाल को पूरा करने के लिए ही कराए जाएंगे। यानी नए सिरे से पांच साल की सत्ता की प्रणाली का अंत हो जाएगा और केंद्र-राज्यों में चुनावों की एक साथ नियत पांच साल की अवधि का अनुपालन हर हाल में तय हो जाएगा। 

कई कानूनों में किया जाना है संशोधन
इस विधेयक में एक नए अनुच्छेद 82ए को शामिल करने का प्रस्ताव है जिसके मुताबिक, लोकसभा और सभी विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव और अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानमंडलों की अवधि) और अनुच्छेद 327 में (विधानमंडलों के चुनाव के संबंध में प्रावधान करने की संसद की शक्ति) में संशोधन किया जाना है।
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विधेयक में यह भी प्रावधान है कि इसके कानून बनने पर आम चुनाव के बाद लोकसभा की पहली बैठक की तारीख पर राष्ट्रपति की तरफ से एक अधिसूचना जारी की जाएगी और अधिसूचना की उस तारीख को नियत तिथि कहा जाएगा।

लोकसभा का कार्यकाल उस नियत तिथि से पांच वर्ष का होगा। नियत तिथि के बाद और लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल के खात्मे से पहले विधानसभाओं के चुनावों के लिए उनका कार्यकाल भी लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल के खत्म होने पर खत्म हो जाएगा। प्रस्ताव के मुताबिक, ‘‘इसके बाद, लोकसभा और विधानसभाओं के सभी आम चुनाव एक साथ कराए जाएंगे।’’

प्रस्तावित विधेयक के मुताबिक, यह 'नियत तिथि' 2029 के लोकसभा चुनाव में तय होगी। इस लिहाज से 2034 में एक देश-एक चुनाव की व्यवस्था लागू हो सकेगी। विधेयक में कहा गया है कि लोकसभा या विधानसभा के पूर्ण कार्यकाल से पहले भंग होने की स्थिति में बचे हुए कार्यकाल की शेष अवधि के लिए ही चुनाव होगा।
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