NMC ने डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन और प्रैक्टिस लाइसेंस को लेकर नए मसौदा नियम तैयार किए हैं। डॉक्टरों को नेशनल मेडिकल रजिस्टर में यूनिक आईडी मिलेगी और लाइसेंस पांच साल के लिए मान्य होगा।
देश में डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन व इलाज करने के लाइसेंस की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने नए मसौदा नियम तैयार किए हैं। इसके तहत हर पंजीकृत डॉक्टर को नेशनल मेडिकल रजिस्टर में एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा।
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यह नंबर पूरे देश में मान्य होगा और इसके आधार पर डॉक्टर देश में कहीं भी इलाज कर सकेंगे। पहले से पंजीकृत डॉक्टरों को भी यूनिक आईडी दी जाएगी, इसके लिए उन्हें अपना रिकॉर्ड अपडेट करना होगा। राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन होने के बाद नेशनल लेवल पर डॉक्टर की यूनिक आईडी बनेगी। मसौदा नियमों के अनुसार, प्रैक्टिस लाइसेंस की वैधता पांच साल की होगी। इसके बाद डॉक्टर को संबंधित स्टेट मेडिकल काउंसिल में उसका नवीनीकरण कराना होगा। तीन महीने में आवेदन नहीं किया तो डॉक्टर का नाम स्टेट रजिस्टर में निष्क्रिय कर दिया जाएगा।
डॉक्टर की पूरी जानकारी एक ही जगह
सेंट्रल रिकॉर्ड बनने के बाद डॉक्टर के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई, लाइसेंस स्थिति समेत पूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही की शिकायत पर जिस राज्य में मामला हुआ है, वहां की राज्य चिकित्सा परिषद जांच करेगी।