एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) ने बिहार में एक और बच्चे की जान ले ली है। दरअसल बिहार में मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में शनिवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की वजह से एक बच्चे की मौत हो गई। इसकी जानकारी एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ सुनील कुमार ने दी।
डॉ सुनील कुमार ने इस दौरान यह भी बताया कि इस साल अब तक एईएस से पीड़ित कुल 21 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से चार बच्चों की एईएस से मौत हो गई।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने शनिवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से प्रभावित राज्य के सात जिलों में 28 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई।
इन 28 एम्बुलेंसों में से आठ सबसे ज्यादा प्रभावित मुजफ्फरपुर जिले की थीं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण को पांच-पांच, सीतामढ़ी को चार जबकि समस्तीपुर, गोपालगंज और सीवान जिलों को दो-दो एम्बुलेंस दी गई हैं।
इसके साथ, राज्य में एईएस से प्रभावित 11 जिलों में एम्बुलेंस की कुल संख्या बढ़कर 426 हो गई है।
मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एईएस के कारण एक महीने में तीन बच्चों की जान चली गई है। इसी अस्पताल में पिछले साल इस बीमारी (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) के कारण 120 बच्चों की मौत हुई थी।
मंत्री ने यहां राज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्लू) में आयोजित एक समारोह में एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान एईएस प्रभावित जिलों में 366 स्वास्थ्य संस्थानों को 28 एंबुलेंस में 700 से अधिक एईएस किट भेजे गए।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि किट में एईएस रोगियों के उपचार में 11 प्रकार के चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।