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कश्मीर के आईजी ने CRPF के खिलाफ दिया बयान, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे पूर्व कर्मी

Sat, 09 May 2020 06:16 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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IPS Vijay Kumar - फोटो : Social Media (File)
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आईपीएस अधिकारी एवं कश्मीर के आईजी विजय कुमार के देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर सीएपीएफ के पूर्व कर्मियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने आईजी के खिलाफ 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का एलान किया है।

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एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, इस बाबत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से अनुरोध किया गया है कि आईजी विजय कुमार को निलंबित कर मामले की जांच एनआईए या सीबीआई से कराई जाए।

आईजी विजय कुमार ने एक बैठक में कहा था कि ‘सीआरपीएफ का काम ठीक नहीं है। यहां पर इंटेलिजेंस जम्मू-कश्मीर पुलिस जुटाती है और आर्मी व राष्ट्रीय राइफल ऑपरेशन करती है। सीआरपीएफ का नाम ऐसे ही डाल देते हैं। ये सब हम जानते हैं। मैं सीआरपीएफ में रहा हूं’। 

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बता दें कि आईजी विजय कुमार करीब चार साल तक सीआरपीएफ में रहे हैं। वे कुछ माह पहले ही अपने मूल कॉडर में लौटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी डेपुटेशन का अधिकांश कार्यकाल दिल्ली में ही पूरा किया है।

जब उनका ट्रांसफर छत्तीगढ़ में किया गया, तो कुछ समय बाद उन्होंने अपने मूल कॉडर यानी जम्मू-कश्मीर में जाने की इच्छा जताई। केंद्र सरकार ने भी उनकी इच्छा तुरंत मान ली और उन्हें जम्मू-कश्मीर भेज दिया।

उन्होंने 29 अप्रैल को बारामूला में पुलिस के आला अधिकारियों, जिनमें डीजीपी एवं दूसरे कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, के सामने सीआरपीएफ को लेकर उक्त बयान दिया था।

इस बैठक में कानून व्यवस्था, दहशतगर्दों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन व कोविड-19 से निपटने में सुरक्षा बलों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसी दौरान आईजी कश्मीर विजय कुमार ने यह बयान दिया।

रणबीर सिंह का कहना है कि आईजी का यह बयान कई दिन बाद सामने आया है। हाल ही में सीआरपीएफ के तीन जवान आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में मारे गए थे। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, आईजी कश्मीर का बयान गैर-जिम्मेदाराना व भड़काऊ है।

इसकी जितने भी कड़े शब्दों में भर्त्सना की जाए, कम है। आईजी पाक-दहशतगर्दों जैसी भाषा बोल रहे हैं। ये बयान ऐसे मौके पर दिया गया है जब कश्मीर में सुरक्षा बल दहशतगर्दों पर हावी हो रहे हैं।

उन्हें सीआरपीएफ में सेवा रहते हुए जितने भी सम्मान पदक मिले हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से वापस करें। जहां सारा देश पुलवामा के शहीदों के लिए दीप मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करता है, वहीं अब आईजी विजय कुमार का बयान सीआरपीएफ का ही नहीं, बल्कि उन 40 पुलवामा शहीदों के साथ-साथ पूरे राष्ट्र का अपमान है।

ये सीआरपीएफ कमांडेंट प्रमोद कुमार की शहादत व बहादुर चेतन चीता का अपमान है। आईजी के बयान ने साढ़े तीन लाख की संख्या वाले बल का मनोबल तोड़ने का काम किया है। सीआरपीएफ, पिछले 32 सालों से जम्मू कश्मीर में जारी छद्म युद्ध को खत्म करने में एक अहम भूमिका निभा रही है।

इस दौरान सैकड़ों जवानों ने शहादत दी है। आज कोविड-19 के चलते कश्मीर के गरीब लोगों को मुफ्त राशन सामग्री, फेस मास्क व दवाइयां बांटने में सीआरपीएफ की अहम भूमिका है। लोग मदद के लिए सीआरपीएफ को फोन करते हैं। महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि देश भर से हजारों पूर्व अर्धसैनिक कर्मी आईजी के खिलाफ जंतर मंतर पर रोष प्रदर्शन करेंगे।

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