नोटबंदी का एक माह और आंकड़ों का सच
Thu, 08 Dec 2016 05:39 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
भारत में मौजूद कुल दो लाख से अधिक एटीएम मशीनों में से करीब 90 प्रतिशत में नए नोटों के हिसाब से बदलाव कर दिए गए हैं।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उन मशीनों में पर्याप्त नकदी मौजूद है।
500 और 1000 के जितने नोट सर्कुलेशन से हट गए हैं वो कुल नकदी अर्थव्यवस्था का 86 फीसद है।
अभी लगभग तीन हफ्तों का समय बाकी है और अंदाजा है कि 14 लाख करोड़ रूपये से ऊपर बैंकों में जमा हो जाएगें।
सरकारी नोट प्रिंटिंग प्रेस रात-दिन काम कर रहे हैं लेकिन जितना नकदी हटाई गई है उसे नए नोटों में वापस लाने में महीनों का समय लगेगा।
जो 19 अरब नए करेंसी नोट बाजार में लाए गए हैं उनकी कीमत, बाजार से हटाई गई मुद्रा का एक-तिहाई भर है।
1.2 हजार करोड़ रूपये का आंकड़ा सीएमआईई के आकलन के मुताबिक, जिसमें आर्थिक लेन-देन और रोजगार को हुए नुकसान के अलावा नए नोटों की छपाई की लागत भी शामिल है।