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देश के शहरी इलाकों में एक करोड़ घरों में नहीं हैं बाथरूम

Mon, 17 Apr 2017 08:26 AM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
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आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन (एचयूपीए) मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश के शहरी इलाकों में एक करोड़ से अधिक घरों में बाथरूम का अभाव है। हाल ही में संसद में आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के अनुसार ‘लगभग एक करोड़ या लगभग 13 फीसदी परिवारों के पास शौचालय नहीं है।
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उनकी पहुंच न तो सार्वजनिक शौचालय तक है और न ही यह सुविधा उनके घरों में है। 74.64 लाख घरों में बगैर छत वाले अहातों का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि लगभग 1.42 करोड़ या 18 फीसदी परिवारों के घरों में अलग से रसोई घर की सुविधा नहीं है।’

इसमें संकेत दिया गया है कि ऐसा होने की वजह से इन परिवारों के सदस्य प्रदूषण के संपर्क में आते हैं, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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देश को 2019 तक खुले में शौचमुक्त बनाना है

- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि शहरी इलाकों में रह रहे परिवारों की संख्या 7.8 करोड़ है और केन्द्र सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम स्वच्छ भारत अभियान के तहत वर्ष 2019 तक देश को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) बनाना है।

इस अभियान के तहत अब तक घरों में 31.14 शौचालय और सरकार की मदद से 1.5 लाख सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है।

वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन परिवारों के पास रसोईघर, शौचालय या बाथरूम जैसी सुविधाएं नहीं है, उन्हें इनके निर्माण के लिए केन्द्र सरकार की तरफ से 1.5 लाख रुपये की सहायता दी जा सकती है।
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