फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पायल तड़वी खुदकुशी मामले में तीनों आरोपियों को 31 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया

Wed, 29 May 2019 04:18 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
पायल तडवी (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
विज्ञापन

बीवाईएल नायर अस्पताल की रेजीडेंट डॉक्टर पायल तड़वी को जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित करने के मामले में एक आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। अगड़ीपाड़ा पुलिस ने मंगलवार को भक्ति मेहर को प्रारंभिक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा हेमा आहूजा को कल रात और अंकिता खंडेलवाल को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों 31 मई तक पुलिस की हिरासत में रहेंगी। आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली 26 वर्षीय पायल को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में तीन वरिष्ठ साथी डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। दो आरोपी अंकिता खंडेलवाल और हेमा आहूजा ने सत्र न्यायाधीश के समक्ष अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी।    

विज्ञापन


ठाणे और पालघर में प्रदर्शन
मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ठाणे और पालघर में रैलियां निकाली गईं। श्रमजीवी संगठन के बैनर तले इन रैलियों में प्रदर्शनकारियों ने जिला कलक्टरों से मुलाकात की। पायल के अभिभावकों ने भी अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

प्रदर्शनकारियों ने पायल की मां और उसके पति सलमान के साथ मिलकर तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उधर, भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर हमारी छोटी बहन के लिये न्याय की लड़ाई में जरूरत हुई तो वह भी महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। 

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

मां ने बताया, प्रताड़ना के बारे में अकसर बताती थी पायल  

पायल तडवी - फोटो : social media
पायल की मां आबिदा ने बताया कि अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा प्रताड़ना के बारे में वह अकसर बताया करती थी। कई दफा वे मरीजों के सामने ही पायल पर फाइलें फेंक देते थे। आबिदा के मुताबिक पायल उनके समुदाय से पहली एमडी डॉक्टर होती लेकिन कॅरियर प्रभावित होने के भय से उसने वरिष्ठ साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई।   

राष्ट्रीय महिला आयोग ने खुद को बताया ‘बहुत व्यथित’
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को इस मामले में पत्र लिखकर जांच की मांग की है। साथ ही आयोग ने खुद को इस घटना से ‘बहुत व्यथित’ बताया। वह मामले में मुंबई स्थित टोपीवाला मेडिकल कॉलेज और बीवाईएल नायर अस्पताल को नोटिस जारी कर चुका है।

आयोग ने कहा, ‘यह बेहद चिंता का विषय है। हमने मामले की जांच का अनुरोध किया है और अभी तक हुई कार्रवाई के बारे में भी बताने को कहा है।’ इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र महिला आयोग ने भी मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिखकर एंटी रैगिंग पर रिपोर्ट मांगी थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें