पायल की मां आबिदा ने बताया कि अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों द्वारा प्रताड़ना के बारे में वह अकसर बताया करती थी। कई दफा वे मरीजों के सामने ही पायल पर फाइलें फेंक देते थे। आबिदा के मुताबिक पायल उनके समुदाय से पहली एमडी डॉक्टर होती लेकिन कॅरियर प्रभावित होने के भय से उसने वरिष्ठ साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने खुद को बताया ‘बहुत व्यथित’
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को इस मामले में पत्र लिखकर जांच की मांग की है। साथ ही आयोग ने खुद को इस घटना से ‘बहुत व्यथित’ बताया। वह मामले में मुंबई स्थित टोपीवाला मेडिकल कॉलेज और बीवाईएल नायर अस्पताल को नोटिस जारी कर चुका है।
आयोग ने कहा, ‘यह बेहद चिंता का विषय है। हमने मामले की जांच का अनुरोध किया है और अभी तक हुई कार्रवाई के बारे में भी बताने को कहा है।’ इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र महिला आयोग ने भी मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिखकर एंटी रैगिंग पर रिपोर्ट मांगी थी।