चुनाव आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। यह पत्र उन्हें 2019 के लोकसभा के आम चुनावों के मद्देनजर तबादले और तैनाती को लेकर लिखा गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में सरकारों के पांच सालों का कार्यकाल खत्म होने वाला है।
ऐसे में आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वह 28 फरवरी तक अधिकारियों का तबादला और तैनाती का काम निपटा लें। माना जा रहा है कि मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। आम चुनावों के साथ ही राज्यों के चुनावों की तारीखों का भी ऐलान किया जाएगा।
आयोग का कहना है कि चुनाव आचार संहिता से सीधे जुड़े होने वाले अधिकारियों की नियुक्ति उनके गृह जिलो में नहीं होगी। लोकसभा का कार्यकाल 3 जून, आंध्र प्रदेश विधानसभा का 18 जून, अरुणाचल प्रदेश का 1 जून, ओडिशा का 11 जून और सिक्किम विधानसभा का कार्यकाल 27 मई को खत्म हो रहा है।
आयोग का कहना है कि जिस राज्य में चुनाव होते हैं वहां अफसरों की तैनाती को लेकर नियम हैं। ऐसे राज्यों के अधिकारी अपने गृह जिले में तैनात नहीं रह सकता है और न ही एक जगह पर चार साल से ज्यादा समय तक उसकी तैनाती हो सकती है। आयोग का कहना है कि गृह जिलों में तैनात अधिकारियों का तबादला किया जाएगा।
यदि कोई अधिकारी किसी एक ही जिले में बीचे चार सालों से तैनात हैं या 31 मई 2019 से पहले उसकी पोस्टिंग को तीन साल पूरे हो रहे हैं तो उसकी पोस्टिंग जारी नहीं रहेगी। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि डीईओ/आरओ/एआरओ/पुलिस इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर और इससे बड़ी पोस्ट के अधिकारियों पर यह नियम लागू होंगे।