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ओवैसी की मांग, मराठों की तरह बाकी जातियों को भी मिले राज्य में आरक्षण

Fri, 30 Nov 2018 11:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई, हैदराबाद
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हार्दिक पटेल-असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : Facebook
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महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए गुरुवार को मराठाओं को शिक्षा और नौकरियों में 16 प्रतिशत आरक्षण दे दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा द्वारा इस विधेयक को मंजूरी देने के कुछ घंटों बाद ही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमिन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिमों के लिए आरक्षण मांगा है। उनका कहना है कि मुस्लिम भी आरक्षण के हकदार हैं क्योंकि वह पीढ़ियों तक गरीबी में रहे हैं। 

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हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने ट्वीट कर कहा कि सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में पिछड़े मुसलमानों को वंचित करना एक गंभीर अन्याय है। मैं लगातार कहता रहा हूं कि मुस्लिमों में ऐसी पिछड़ी जातियां हैं जो पीढ़ियों से गरीबी से रह रहे हैं। आरक्षण के जरिए इसे तोड़ा जा सकता है। महाराष्ट्र में एआईएमआईएम के विधायक इम्तियाज जलील ने भाजपा सरकार पर अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति उदासीन दृष्टिकोण अपनाने पर सवाल उठाए हैं।

जलील ने कहा, 'राज्य सरकार ने मुस्लिमों के प्रति उदासीन दृष्टिकोण दिखाया है। उनकी शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण की वैध मांग को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है जबकि उच्च न्यायालय ने भी इसका समर्थन किया है।' उन्होंने कहा कि मराठाओं को आरक्षण देने का विधेयक जल्दबाजी में पास किया गया और उन्हें सरकार द्वारा गठित आयोग के निष्कर्ष पर पिछड़ा समुदाय बताया गया।
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एआईएमआईएम की तरह हार्दिक पटेल ने गुजरात में पाटीदारों को आरक्षण देने की बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार उनके समुदाय के लिए इसी तरह का कदम क्यों नहीं उठा सकती है। उन्होंने पाटीदारों के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन को मापने के लिए एक सर्वे कराने के लिए कहा। जैसा सर्वे मराठा समुदाय के लिए महाराष्ट्र सरकार ने करवाया था।

हार्दिक ने कहा, 'गुजरात में कोई सर्वे नहीं कराया गया है। सर्वे से साबित हो जाएगा कि पाटीदार समुदाय सामाजिक और आर्थिक तौर पर पिछड़ा हुआ है। यदि भाजपा सरकार महाराष्ट्र में कर सकती है तो वह ऐसा गुजरात में क्यों नहीं कर सकती? क्या यहां की भाजपा सरकार के अंदर अहंकार है?' इसी बीच हार्दिक की अगुवाई में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने गुजरात पिछड़ा आयोग सुगनाबेन भट्ट के साथ गुरुवार को एक बैठक की। जिसमें महाराष्ट्र की तरह सर्वे कराने को कहा गया।

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