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गठबंधन पर कांग्रेस के अंदर से ही उठे बगावती स्वर, प्रदेश नेतृत्व खिलाफ

Mon, 09 Jul 2018 05:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ष 2019 के आम चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ बड़ा गठबंधन बनाने के कांग्रेस की योजना को बड़ा झटका लगा है। दूसरे दलों के साथ गठबंधन के विरोध में राज्यों से कांग्रेस के अंदर से ही बगावत के स्वर तेज हो गए हैं।

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पश्चिम बंगाल का प्रदेश नेतृत्व गठबंधन पर पिछले हफ्ते ही अपने तेवर दिखा चुका है। प्रदेश नेतृत्व वहां टीएमसी या वाम दलों के साथ जाने को लेकर बंटा हुआ है। उधर दिल्ली प्रदेश इकाई ने पार्टी नेतृत्व को दो टूक कह दिया है कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी आप से गठबंधन न करे।

हालांकि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि आप का भाजपा के साथ चोली-दामन का साथ है। इसी तरह कांग्रेस शासित पंजाब का प्रदेश नेतृत्व आप से गठबंधन के पूरी तरह खिलाफ है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में कांग्रेस भाजपा विरोधी वोट बंटने को लेकर बसपा से गठबंधन पर विचार कर रही है। लेकिन मध्य प्रदेश में भी प्रदेश नेतृत्व इस सवाल पर बंटा है। पूर्व कार्यकारिणी सदस्य अनिल शास्त्री ने कहा है कि बसपा के साथ गठबंधन आत्मघाती होगा।
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राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट बसपा के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं और चाहते हैं कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े। इस मसले पर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि पार्टी प्रदेश नेतृत्व की इच्छा के खिलाफ कोई गठबंधन नहीं करेगी।

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