ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना अब्दुल हामिद अजहरी
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रविवार (31 दिसंबर) को 'मन की बात' प्रोग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुस्लिम महिलाओं के अकेले हज जाने के ऐलान के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना अब्दुल हामिद अजहरी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिला का मेहराम के बिना हज जाना पूरीतरह से धार्मिक मसला है। ये ऐसा मुद्दा नहीं है जिसे आप संसद में पारित कर सकते हैं।
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गौरतलब है कि पीएम मोदी ने रविवार को मुस्लिम महिलाओं के हज जाने के नियमों में परिवर्तन करते हुए कहा था कि मुस्लिम महिलाएं अब अकेले हज यात्रा पर जा सकेंगी। साथ ही उन्होंने कहा था कि हमने 70 साल से चली आ रही परंपरा को तोड़ा। हमारी सरकार ने नियमों में बदलाव किया और अब बिना किसी संरक्षक के भी मुस्लिम महिलाएं हज यात्रा के लिए जा सकेंगी।
इस बार हज यात्रा के दौरान महिलाओं को विशेष छूट दी गई जाएगी। अब 45 साल और उससे अधिक उम्र की महिलाएं जल्द बिना किसी पुरुष साथी के हज पर जा सकेंगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय नई
हज पॉलिसी ड्राफ्ट कर रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि 45 साल से अधिक उम्र की चार महिलाओं का समूह बिना पुरुष साथी यानी महरम के हज यात्रा पर जा सकेंगी।