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दिक्कत: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मुंबई मॉडल से सीखें, बीएमसी चीफ बोले- खुद पर हंसने वालों से प्लान कैसे साझा करूं?

Fri, 07 May 2021 08:42 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

बीएमसी के आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने कहा, ‘दो महीने पहले मुझे भारत सरकार में अपने सहयोगियों से फोन आया, जिसमें पूछा गया कि केवल महाराष्ट्र में कोविड क्यों हैं और वे हम पर हंसते थे। अगर कोई हम पर हंस रहा है, तो मैं उनके साथ अपना मॉडल कैसे साझा करूं?'
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बृहन्मुंबई महानगर पालिका - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देशभर में फैली कोरोना महामारी के कारण सबसे ज्यादा बुरे हालात महाराष्ट्र में देखने को मिले। अभी कुछ दिनों पहले तक यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था डगमगाई हुई थी। अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड, मेडिकल ऑक्सीजन, दवाइयां की कमी पड़ने लगी थी, जिस कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हो रही थी। हालांकि, कुछ ही दिनों में यहां के अस्पतालों में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने ‘मुंबई मॉडल’ के तहत काम शुरू किया, जिसकी वजह से कोविड से हो रही लोगों की मौत के मामलों को कम किया जा सका। महाराष्ट्र में लोगों की मौत के मामले में आई स्थिरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को मुंबई से सीख लेने को कहा था।

नाराज दिखे बीएमसी के आयुक्त

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इस बारे में जब एक समाचार चैनल ने बीएमसी के आयुक्त इकबाल सिंह चहल से बात की तो वे थोड़ा नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि ‘मुंबई मॉडल’ अन्य शहरों और राज्यों में तभी काम कर सकता है, जब कोरोना वायरस समस्या की गंभीरता के बारे में वहां के लोगों में ईमानदारी हो। चहल ने कहा, ‘दो महीने पहले मुझे भारत सरकार में अपने सहयोगियों से फोन आया, जिसमें पूछा गया कि केवल महाराष्ट्र में कोविड क्यों हैं और वे हम पर हंसते थे। अगर कोई हम पर हंस रहा है, तो मैं उनके साथ अपना मॉडल कैसे साझा करूं? जब आपदा आती है, तो सीखने का समय नहीं होता है, आराम से उन मॉडलों को कॉपी करने का समय नहीं होता है।’


बैठक में ‘मुंबई मॉडल’ पर की चर्चा
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार और केंद्रीय अधिकारियों के साथ बुधवार (5 मई) की रात एक बैठक में भाग लिया था, जिसमें ‘मुंबई मॉडल’ पर चर्चा की गई। चहल ने कहा. ‘मैंने दिल्ली सरकार से कहा कि किसी भी अस्पताल को अतिरिक्त बेड जोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। अस्पतालों से एसओएस कॉल इसलिए जाते हैं क्योंकि वे रात भर ऑक्सीजन युक्त बेड बढ़ाने के लिए मजबूर हैं, जो ऑक्सीजन भंडारण के साथ पूरक नहीं हैं।

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उन्होंने कहा कि मुंबई में अब ऑक्सीजन की समस्या एक इतिहास है। हमने अपने मौजूदा संसाधनों को प्लान करके उपयोग किया। बीएमसी ने उपलब्ध ऑक्सीजन और इसके सहज वितरण व बफर स्टॉक का सही ढंग से उपयोग किया, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को फायदा मिल सके। 

 

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