हिजाब विवाद की लपटें देश के कई शहरों में पहुंच गई हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रांत और धर्म के नाम पर देश को तोड़ने का काम किया जा रहा है। समान नागरिक संहिता समय की मांग बन गई है।
कर्नाटक के हिजाब विवाद पर देश में बवाल जारी है। कर्नाटक से निकलकर ये विवाद देश के कई शहरों में पहुंच गया है। मालेगांव में भी महिलाओं ने शैक्षणिक संस्थाओं में हिजाब पहन कर जाने देने की मांग की। इसी बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता समय की मांग बन गई है।
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर हिजाब विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि प्रांत और धर्म के नाम पर देश को कोने-कोने से तोड़ने का प्रयास प्रतिदिन किया जा रहा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि समान नागरिक संहिता समय की मांग बन गई है। अब कुछ खास वर्ग के लोग ने देश का कानून तय करना शुरू कर दिया है।
इस कड़ी में आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार बोले कि कुछ चरमपंथी छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमेशा जींस पहनने वाली मुस्लिम लड़की मुस्कान खान के जरिए कुछ चरमपंथियों हमारे देश और इस्लाम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह साबित करता है कि चरमपंथी बेटियों को शिक्षा से दूर ले जा रहे हैं और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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कर्नाटक में एक जनवरी से हिजाब पर विवाद शुरू है। जब एक शिक्षण संस्थान में 6 मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर क्लास करने से मना कर दिया गया। कॉलेज प्रबंधन ने हिजाब को कॉलेज के ड्रेस नियमों के खिलाफ बताया। तब से इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुस्लिम लड़कियां कॉलेज में हिजाब पहनकर जाने देने की अनुमति देने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि वे उनके धर्म के अनुसार इसे पहनकर क्लास में बैठना चाहती हैं। इसी मामले को लेकर महाराष्ट्र में भी कई जगहों पर हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। वहीं पुलिस ने शुक्रवार को बिना अनुमति मालेगांव में प्रदर्शन करने पर चार आयोजकों पर धारा 144 के उल्लंघन में केस दर्ज किया है।