स्वदेशी जागरण मंच के मुताबिक फूड फोर्टिफिकेशन से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचेगा, जबकि देश का लघु एवं मध्यम उद्योग उनके सामने नहीं टिक पाएगा। फोर्टिफिकेशन के नाम पर आटा, चावल, दूध, नमक और खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। संसाधनों की कमी के चलते छोटी कंपनियों का व्यापार चौपट हो जाएगा। विटामिन फोर्टिफिकेशन कानून के मुताबिक कंपनियों को विटामिन की क्षरण रोकने के लिए विशेष पैकेजिंग करनी होगी, जिससे लागत में बढ़ोतरी होगी।
विटामिंस की हो जाएगी ओवरडोज
ब्रेस्ट फीडिंग नेटवर्क से जुड़े डॉ. अरुण गुप्ता का कहना है कि एफएसएसएआई के नोटिफिकेशन में विटामिन्स की ओवरडोज जांचने का कोई तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि विटामिन हर किसी को नहीं दिए जा सकते, इसके लिए डॉक्टर का पर्चा जरूरी होता है। अगर शरीर में विटामिन की मात्रा तय सीमा से ज्यादा हो जाएगी, तो दूसरी गंभीर बिमारियां पैदा होंगी। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पहले ही मिड डे मील और बेबी फूड में पोषक तत्वों को जरूरी बना चुका है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक संसाधित भोजन खाने से कैंसर का खतरा बढ़ता है। इस मामले में एफएसएसएआई का पक्ष जानने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन किसी से इस बाबत टिप्पणी नहीं मिल पाई।
विटामिन ए की बहुलता से शरीर में अंधापन, हड्डी संबंधित रोग व हेयर लॉस और इसके साथ ही होठों की त्वचा पर रुखापन और वजन में भी कमी देखी जाती है। वहीं विटामिन डी का ज्यादा इस्तेमाल शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ा देता है। इसे हाइपरक्लेमेशिया कहते हैं, जिसमें कॉन्सटीपेशन, बेहोशी के साथ ही किडनी में भी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। विटामिन डी की ज्यादा खुराक दिल की बीमारी का खतरा दोगुना कर सकती है। एक सर्वे के मुताबिक जिन लोगों के रक्त में विटामिन डी का स्तर सामान्य से ज्यादा होता है उनमें हृदयाघात का खतरा 2.8 फीसदी ज्यादा होता है। वहीं ज्यादा आयरन की मात्रा से शरीर में‘हीमोक्रोमेटोसिस’ यानी रक्त वर्णकता की बीमारी होती है।
क्या है गजट में
गौरतलब है कि एफएसएसएआई ने हाल ही में गजट जारी करके कंपनियों को दूध, और खाद्य तेल में विटामिन ए और विटामिन डी मिलाने को कहा है। वहीं आटे और चावल में आयरन, विटामिन बी 12 और विटामिन बी 9 या फॉलिक एसिड, जबकि डबल फोर्टिफाइड नमक में आयरन और आयोडीन जैसे सिंथेटिक सुक्ष्म पोषक तत्व मिलाने का निर्देश जारी किया है। वहीं 62 कंपनियों ने अपने 110 ब्रांडस में सूक्ष्म पोषक तत्व डालने की तैयारियां शुरू कर दी है।