तेलंगाना में राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच चल रही तनातनी के बार फिर सामने आई। राजभवन के अनुसार, तेलंगाना स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित समारोह के लिए राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को राज्य सरकार से कोई निमंत्रण नहीं मिला। राज्यपाल राजभवन में तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगी।
इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य स्थापना दिवस पर तेलंगाना के लोगों को बधाई दी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय के कार्यक्रम में शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने दो दिवसीय कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। यहां शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान जी. किशन रेड्डी ने कहा कि भारत सरकार की तरफ से आज तेलंगाना स्थापना दिवस का कार्यक्रम हैदराबाद के गोलकुंडा फोर्ट में आयोजित किया गया। तेलंगाना की स्थापना में भाजपा ने अहम भूमिका निभाई है। अलग अलग प्रदेशों के राजभवनों में भी तेलंगाना स्थापना दिवस का उत्सव मनाया जा रहा है।
कर्ज के जाल में फंस गया तेलंगाना
केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को सीएम के चंद्रशेखर राव पर निशाना साधते हुए कहा कि बीआरएस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और तेलंगाना कर्ज के जाल में फंस गया है जिस वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का बकाया ऋण 3.12 लाख करोड़ रुपये है। सार्वजनिक उपक्रमों, निगम बैंकों, एनबीएफसी, नाबार्ड, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरबीआई के माध्यम से, सरकार ने लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज उठाया। राज्य कर्ज के ढेर में डूब रहा है ... तेलंगाना ने विभिन्न संगठनों से 8 लाख रुपये से अधिक का कर्ज लिया।
तेलंगाना में बढ़ी प्रति व्यक्ति आय
मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शुक्रवार को कहा कि तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय 1.24 लाख रुपये से बढ़कर 3.17 लाख रुपये हो गई, यहां तक कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद पिछले नौ वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक बढ़कर 13 लाख करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही सीएम राव ने कहा कि जब से हमारी सरकार बनी राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता नौ साल पहले 7,778 मेगावाट से बढ़कर 18,453 मेगावाट हो गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामनाएं दीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के स्थापना दिवस पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं। दशकों लंबे आंदोलन के बाद 2014 में तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग करके एक नया राज्य बनाया गया था। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि तेलंगाना के स्थापना दिवस पर इस अद्भुत राज्य के लोगों को मेरी शुभकामनाएं। तेलंगाना के लोगों के कौशल और राज्य की समृद्ध संस्कृति की बहुत प्रशंसा की जाती है। मैं तेलंगाना की भलाई और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।
पहले भी बीआरएस सरकार पर लग चुके आरोप
इससे पहले नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के बहिष्कार को लेकर सुंदरराजन ने बीआरएस समेत विपक्षी दलों को आड़े हाथ लिया था। उन्होंने 25 मई को कहा था कि उन्हें तेलंगाना सचिवालय के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था। इसका हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद में उद्घाटन किया था।
सुंदरराजन ने लगाई थी फटकार
सुंदरराजन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि उन्हें निमंत्रण भी नहीं दिया गया था, क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य में शासन संभालते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष राष्ट्रपति को एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति के रूप में देखता है तो राज्यपालों के लिए ऐसा क्यों नहीं किया जाता।
सुंदरराजन की यह टिप्पणी 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर चल रहे सियासी बवाल के बीच आई थी। इस उद्घाटन समारोह का विरोध करते हुए कम से कम 21 विपक्षी दलों ने कार्यक्रम के बहिष्कार करने का फैसला किया था। उनकी मांग थी कि इसका उद्घाटन पीएम की जगह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए।