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देशी पिस्टल लेकर आया था उमर खालिद से भिड़ने वाला हमलावर

Mon, 13 Aug 2018 07:15 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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umar khalid
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जेएनयू के छात्र उमर खालिद के साथ कांस्टीट्यूशन क्लब में जूझने वाला हमलावर देशी पिस्टल लेकर आया था। दिल्ली पुलिस के एसीपी अखिलेश्वर यादव को भी पिस्टल देशी ही लग रही है। इस तरह से पिस्टल लाइंसेसी होने की संभावना न के बराबर है। हालांकि यह गुणवत्ता की देशी पिस्टल है। दिल्ली पुलिस के सूत्र बताते हैं कि इस तरह पिस्टल बिहार के मुंगेर आदि में अवैध हथियार बनाने वाले कारीगर तैयार कर देते हैं। फिलवक्त अभी उमर खालिद से ही कई स्तरों पर पूछताछ चल रही है। इसके अलावा घटना के समय वहां खालिद के साथ मौजूद एक महिला तथा दो अन्य लोगों से भी जांच अधिकारी मौका-ए-वारदात के बारे में जानकारी ले सकते हैं। 
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क्या हो रहा है अभी 

दिल्ली पुलिस एक तरफ उमर खालिद से पूछताछ कर रही है। करीब 25 मिनट की पूछताछ के बाद पुलिस उमर खालिद को अपने साथ ले गई। इसके अलावा रफीमार्ग, पटेल चौक, संसद मार्ग, अशोक रोड समेत अन्य स्थानों पर आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पीछे के गेट पर लगे कैमरे की फुटेज की जांच हो रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस घटना स्थल पर मौजूद लोगों से हमलावर के मिले हुलिए के बारे में जानकारी लेकर स्केच तैयार करा रही है। खुफिया एजेंसी और दिल्ली पुलिस की एलआईयू यूनिट समेत अन्य पूरे मामले को खंगाल रही है। 
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दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी अजय यादव के अनुसार पुलिस को कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित खौफ से आजादी नामक कार्यक्रम के बारे में भी कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल अभी हम मामले की जांच कर रहे हैं। अभी सिर्फ इतना कह सकते हैं कि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उमर खालिद आए थे।

उनसे क्लब के गेट पर किसी की झड़प हुई है। दूसरा शख्स पिस्टल लेकर आया था। अभी उसके भाग जाने की सूचना है। हमें एक पिस्टल मिली है और लोगों से मिली जानकारी के अनुसार घटना स्थल के पास गोली चलने की भी आवाज आई है। 
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वहां क्या हुआ था

- फोटो : pti
एक गोली चली या दो 

पुलिस की परेशानी यह है कि गोली एक चली है या दो। एसीपी अखिलेश्वर यादव की टीम इसी की तहकीकात करने में जुटी रही। यदि दो गोली चली तो दूसरी गोली का खोखा कहां है। फिलहाल पुलिस की टीम अभी इस मामले में किसी नतीजे पर पहुंचने में नाकाम है और उसकी खोजबीन जारी है।

इसी तरह से पुलिस की दूसरी परेशानी चश्मदीदों को लेकर भी है। पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि कुछ चश्मदीद गवाह बनना भी नहीं चाह रहे हैं और हालात को लेकर भ्रम की स्थिति भी खड़ी कर रहे हैं। 

क्या हुआ था? 

संसद भवन की चहारदीवारी से कोई 50 मीटर की दूरी पर रफी मार्ग स्थिति कांस्टीट्यूशन क्लब में खौफ से आजादी नामक विषय पर कार्यक्रम आयोजित था। इसमें भाकपा के डी राजा, पूर्व राज्यसभा सदस्य अली अनवर समेत अन्य को पहुंचना था।

कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उमर खालिद भी सहयोगियों के साथ आए थे। ढाई बजे के करीब खालिद ने अपने एक महिला और दो अन्य सहयोगियों के साथ गेट के पास स्थिति दुकान पर चाय पी। वह बिल देकर आगे बढ़े ही थे कि सामने से एक हट्टा-कट्ठा आदमी आया। दोनों गुथ्थम-गुथ्था भी हुए।

इस बीच सामने से आया युवक खुद को छुड़ाकर मेट्रो स्टेशन की तरफ भागा। भागते समय कुछ दूर पर वह गिर गया। इस दौरान गोली चलने की आवाज आई और हमलावर इसके बाद भाग गया। 
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