जेएनयू के छात्र उमर खालिद के साथ कांस्टीट्यूशन क्लब में जूझने वाला हमलावर देशी पिस्टल लेकर आया था। दिल्ली पुलिस के एसीपी अखिलेश्वर यादव को भी पिस्टल देशी ही लग रही है। इस तरह से पिस्टल लाइंसेसी होने की संभावना न के बराबर है। हालांकि यह गुणवत्ता की देशी पिस्टल है। दिल्ली पुलिस के सूत्र बताते हैं कि इस तरह पिस्टल बिहार के मुंगेर आदि में अवैध हथियार बनाने वाले कारीगर तैयार कर देते हैं। फिलवक्त अभी उमर खालिद से ही कई स्तरों पर पूछताछ चल रही है। इसके अलावा घटना के समय वहां खालिद के साथ मौजूद एक महिला तथा दो अन्य लोगों से भी जांच अधिकारी मौका-ए-वारदात के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
क्या हो रहा है अभी
दिल्ली पुलिस एक तरफ उमर खालिद से पूछताछ कर रही है। करीब 25 मिनट की पूछताछ के बाद पुलिस उमर खालिद को अपने साथ ले गई। इसके अलावा रफीमार्ग, पटेल चौक, संसद मार्ग, अशोक रोड समेत अन्य स्थानों पर आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पीछे के गेट पर लगे कैमरे की फुटेज की जांच हो रही है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस घटना स्थल पर मौजूद लोगों से हमलावर के मिले हुलिए के बारे में जानकारी लेकर स्केच तैयार करा रही है। खुफिया एजेंसी और दिल्ली पुलिस की एलआईयू यूनिट समेत अन्य पूरे मामले को खंगाल रही है।
दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी अजय यादव के अनुसार पुलिस को कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित खौफ से आजादी नामक कार्यक्रम के बारे में भी कोई जानकारी नहीं थी। फिलहाल अभी हम मामले की जांच कर रहे हैं। अभी सिर्फ इतना कह सकते हैं कि इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उमर खालिद आए थे।
उनसे क्लब के गेट पर किसी की झड़प हुई है। दूसरा शख्स पिस्टल लेकर आया था। अभी उसके भाग जाने की सूचना है। हमें एक पिस्टल मिली है और लोगों से मिली जानकारी के अनुसार घटना स्थल के पास गोली चलने की भी आवाज आई है।