कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर।
- फोटो : संवाद
उत्तर प्रदेश की राजनीति में महाराज सुहेलदेव को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के कथित विवादित पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए माफी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में महाराज सुहेलदेव की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा था कि उन्होंने करीब एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांता सालार मसूद गाजी को पराजित किया था। इसी बयान के बाद शौकत अली ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि महाराज सुहेलदेव का भारत के निर्माण या आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
इस पर राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शौकत अली को इतिहास की जानकारी नहीं है और उन्हें पहले इतिहास की पुस्तकें पढ़नी चाहिए। उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से भी अपील की कि वे अपने प्रदेश अध्यक्ष से माफी मंगवाएं, अन्यथा व्यापक आंदोलन होगा और पार्टी नेताओं का प्रदेश में निकलना मुश्किल हो जाएगा।
राजभर ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मायावती इस बयान का विरोध नहीं करते हैं, तो इसका अर्थ होगा कि वे भी महाराज सुहेलदेव के योगदान को नहीं मानते। उन्होंने आगे कहा कि यह विवादित पोस्ट एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया है, क्योंकि 10 जून से बहराइच में महाराज सुहेलदेव के सम्मान में मेला आयोजित होना है। राजभर ने कहा कि अब प्रदेश में लुटेरों नहीं, बल्कि देश के वीरों का सम्मान होगा।
गौरतलब है कि 5 अप्रैल को भारतेन्दु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी महाराज सुहेलदेव की प्रशंसा करते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया था। इस पूरे मामले ने अब प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है।