अध्यक्ष ओम बिरला ने आपत्ति जताई और सांसद एआर रेड्डी को चेतावनी दी कि अगर सदस्य सदन में जाति और धर्म के आधार पर चर्चा करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी जाति और धर्म के आधार पर सदस्यों को लोकसभा के लिए नहीं चुना है।
संसद में मानसून सत्र चल रहा है, जिसको लेकर सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर खूब शब्दों के बाण चला रहे हैं। लेकिन कोई शब्द किसे कहां आघात कर दे इसका समय पक्का नहीं है। ऐसा ही सोमवार को देखने को मिला जब एक सांसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर आरोप लगा दिया कि उन्होंने अपने भाषण में जाति से संबंधित टिप्पणी की है।
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हालांकि इस मामले पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आपत्ति जताई और सांसद एआर रेड्डी को चेतावनी दी कि अगर सदस्य सदन में जाति और धर्म के आधार पर चर्चा करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी जाति और धर्म के आधार पर सदस्यों को लोकसभा के लिए नहीं चुना है।
दरअसल हुआ ये था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेड्डी के सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि सदस्य तेलंगाना से आते हैं और कह रहे हैं कि उनकी हिंदी कमजोर है, पूछे गए सवाल का जवाब वे भी 'कमजोर हिंदी' में देंगी। इसके बाद सांसद रेड्डी ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने निचली जाति को लेकर टिप्पणी की जो कि गलत है। इसके बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने चेतावनी देते हुए कहा कि यहां किसी को भी सदन में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अन्यथा मुझे ऐसे सदस्य के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।
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इससे पहले रेड्डी रुपये के मूल्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली टिप्पणी का हवाला देते हुए सवाल पूछना शुरू किया तो ओम बिरला ने उनको टोका इसके बाद सासंद रेड्डी ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि आप मुझे ऐसे नहीं रोक सकते। अध्यक्ष ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई और उन्हें सिर्फ सवाल पूछने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी से पार्टी के सदस्यों को यह समझाने के लिए कहा।