पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) का आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट जून 16 से ब्लॉक हो गया है। जिसके कारण पीआईबी के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है क्योंकि वह इस चैनल के जरिए लाइव टेलिकास्ट के साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस और दूसरे कार्यक्रमों का ऑनलाइन प्रसारण करता है। इसका उपयोग खासतौर से उस समय किया गया था जब केंद्रीय मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मोदी सरकार की चार सालों की उपलब्धियों को गिनवाया था।
पीआईबी के आधिकारिक
यूट्यूब चैनल के पास 1.5 लाख सब्सक्राइबर मौजूद हैं। वह अब तक 3,500 से ज्यादा वीडियो शेयर कर चुका है। साल 2011 में यह चैनल शुरू किया गया था और इसे अब तक 14 मिलियन लोग देख चुके हैं। ऐसा नहीं है कि केवल पीआईबी चैनल पर कोई भी नया वीडियो पोस्ट नहीं कर पा रहा है बल्कि साइट पर पहले से मौजूद वीडियो भी देख नहीं सकते हैं।
पीआईबी में मौजूद सूत्रों का कहना है कि उन्हें तकनीकी खामी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि दर्शक हमारे मौजूदा कंटेंट को देखने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि इस मामले में उन्होंने यूट्यूब इंडिया को बता दिया है और वह इस परेशानी को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी तरह की परेशानी दुनिया के अन्य हिस्सों में मौजूद कई प्रतिष्ठित संस्थानों को भी झेलनी पड़ रही है।
यदि आप चैनल पर मौजूद किसी वीडियो को प्ले करते हैं तो आपको एक काले रंग की स्क्रिन दिखेगी जिसपर लिखा है कि यह वीडियो भारत में मौजूद नहीं है। स्क्रिन पर लिखा आता है, 'इस वीडियो में पत्र सूचना कार्यालय का कंटेंट है। यह आपके देश में मौजूद नहीं है।'
यूट्यूब इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, 'हमने अपने पार्टनर के समझौते को अपडेट किया है जिसकी वजह से कुछ ही साइट के कंटेंट हमारे प्लेटफॉर्म पर देखे जा सकेंगे। हालांकि हम इस काम कर रहे हैं, अन्य साइट की वीडियो भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगी।' पीआईबी सूत्रों का कहना है कि उन्हें यूट्यूब इंडिया की तरफ से इस मसले पर कोई जानकारी नहीं मिली है।