आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज एयरलाइन ने बोइंग 737 विमान उड़ाने वाले अपने पायलटों से कहा है कि वे सिंतबर तक का बिना भुगतान लिए लंबी छुट्टी पर जा सकते हैं। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब बीते हफ्ते ही जेट ने अपने अधिक वेतन लेने वाले पायलटों को बिना भुगतान किए अस्थायी अवकाश और लंबी छुट्टी पर भेज दिया है।
पायलटों को आदेश वाली इस विज्ञपति के मुताबिक पायलटों से कहा गया है कि जब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे बिना वेतन छुट्टी पर जा सकते हैं।
परिचालन की आवश्यकता में बदलाव को देखते हुए बोइंग पायलट क्रू के लिए 11 अप्रैल से 26 अप्रैल, 2019 तक का रोस्टर भी तैयार किया गया है। जिसमें कहा गया है कि इस बीच पायलटों को पांच दिन काम करना होगा और तीन दिन अवकाश मिलेगा।
इसके अलावा क्रू ने अप्रैल-सितंबर 2019 के बीच में अवकाश की मांग की है, उनके इस अनुरोध को भी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
जेट के वर्तमान में 35 विमान उड़ान भर रहे हैं और उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक इनकी संख्या 75 हो जाएगी। लेकिन ऐसा तभी हो पाएगा जब बिना भुगतान लीज पर रखे गए विमानों को उड़ाने की अनुमति मिलेगी।
जेट के पास करीब 1500 पायलट हैं, जिनमें से 1100 जेट एयरवेज के पायलटों की यूनियन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) के सदस्य हैं। बीते हफ्तों में जेट के कई पायलट अन्य कंपनियों जैसे गोएयर, इंडिगो, स्पाइसजेट, विस्तारा आदि से जुड़े हैं। वहीं कुछ पायलटों ने विदेशी एयरलाइन भी ज्वाइन की है।
पायलट बिना नोटिस दिए छुट्टी पर जा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी पायलटों को वेतन नहीं दे पा रही है, इसका मतलब ये हुआ कि पायलट और एयरलाइन के बीच हुए समझौते का उल्लंघन कपंनी ने ही किया है। जिसका परिणाम है कि पायलट अब नोटिस पीरियड देने के लिए बाध्य नहीं होंगे।
जेट को अभी भी पायलटों, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (एएमई) और वरिष्ठ प्रबंधन टीम को जनवरी, फरवरी और मार्च का वेतन देना है। जब एयरलाइन ने पायलटों से कहा कि वह दिसंबर से नहीं मिल रहे वेतन का 87.5 फीसदी देने को तैयार है, तो पायलटों ने अप्रैल के मध्य तक हड़ताल ना करने का फैसला लिया। इसपर पायलटों का कहना है कि अगर कंपनी उनका वेतन नहीं देती है तो वे 15 अप्रैल से दोबारा हड़ताल शुरू कर देंगे।