छापेमारी में पॉश इलाके में 10 फ्लैट मिले। इसके अलावा सात प्लॉट, 2.7 करोड़ के बैंक डिपॉजिट, 1.5 किलो सोना और छह लाख नकद भी बरामद किया गया। जांच के दौरान अमेरिका, थाईलैंड, वियतनाम, यूएई, कनाडा, मैक्सिको और मलयेशिया से विदेशी मुद्राओं का भी पता चला है। फिलहाल तलाशी जारी है।
ओडिशा के सतर्कता (विजिलेंस) विभाग ने सोमवार को एक सेवानिवृत्त इंजीनियर की करोड़ो रुपये की संपत्ति का पता लगाया। इसमें 1.5 किलो सोना, 2.70 करोड़ रुपये की जमा राशि, लक्जरी कारें और 10 फ्लैट शामिल हैं। अधिकारियों ने सेवानिवृत्त इंजीनियर की पहचान तारा प्रसाद मिश्र के तौर पर की है। एक गुप्त सुचना के आधार पर सतर्कता विभाग की टीम ने भुवनेश्वर, कटक और झारसुगुडा के नौ इलाकों में छापेमारी की। इस छापेमारी को 12 डीएसपी, 12 इंस्पेक्टर, 16 एएसआई और अतिरिक्त स्टाफ ने मिलकर अंजाम दिया।
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छापेमारी में पॉश इलाके में 10 फ्लैट मिले। इसके अलावा सात प्लॉट, 2.7 करोड़ के बैंक डिपॉजिट, 1.5 किलो सोना और छह लाख नकद भी बरामद किया गया। अधिकारियों को 13 लाख की रोलेक्स की कलाई घड़ियां, दो लक्जरी कारें (मर्सिडीज बेंज और केआई सेल्टोस) और इंजीरियर की बेटी की मेडिकल शिक्षा पर खर्च किए गए 80 लाख रुपये भी शामिल हैं। जांच के दौरान अमेरिका, थाईलैंड, वियतनाम, यूएई, कनाडा, मैक्सिको और मलयेशिया से विदेशी मुद्राओं का भी पता चला है। फिलहाल तलाशी जारी है।
सिंचाई विभाग में कार्यरत इंजीनियर भ्रष्टाचार मामले मं गिरफ्तार
बता दें कि इसी महीने ओडिशा के सिंचाई विभाग में कार्यरत एक मुख्य निर्माण इंजीनियर को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है। वह क्योंझर जिले में एक बैराज परियोजना में तैनात था। जब उसके खिलाफ जांच की गई तो उससे जुड़ी संपत्तियों की तलाशी में इंजीनियर के पास आय से अधिक संपत्ति पाई गई। अधिकारियों ने बताया कि इनमें एक पांच मंजिला इमारत, एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, 85 भूखंड, 335 ग्राम सोना, 78 लाख रुपये से अधिक की जमा राशि और 11.7 लाख रुपये नकद शामिल हैं। बालासोर जिले का रहने वाला आरोपी 40 साल की नौकरी में इतनी संपत्तियां जुटा चुका है। सतर्कता अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इससे पहले आबकारी के संयुक्त आयुक्त राम चंद्र मिश्रा को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके पास छह बहुमंजिला इमारतों और दो अपार्टमेंट के अलावा 52 प्लॉट पाए गए।