दूसरा सवाल है कि अगर सिग्नल सही था, तो ट्रेन के ड्राइवर ने सिग्नल को क्यों नहीं माना। लाल सिग्नल होने के बाद भी ट्रेन कैसे चलाई। इसी वजह से हादसा हुआ। जब ट्रेन के डिब्बे पटरी पर पलटे हैं, तो पास वाली लाइन में अवरोध आना स्वाभाविक है। ऐसे में स्टेशन के अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेते हुए वहां आने वाली ट्रेनों को रोकना चाहिए था। लेकिन रेलवे के अफसरों ने कोई कदम नहीं उठाया। यह हादसा उनकी लापरवाही का ही नतीजा है।
रेल मंत्री ने हादसे को लेकर कही ये बात
घटनास्थल पहुंचे रेल मंत्री ने कहा कि यह एक दर्दनाक हादसा है। रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार बचाव कार्यों में जुटी हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मुआवजे का कल एलान कर दिया गया था। हादसे की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। साथ ही रेलवे सेफ्टी कमिश्नर भी घटनास्थल का दौरा करेंगे और इस बात की जांच करेंगे की हादसे की वजह क्या रही।