ओडिशा के बौध जिले में नशा तस्कर के साथ मिलीभगत के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि उन्होंने गांजा तस्कर को गांजे के साथ पकड़ने के बावजूद ऐसे ही जाने दिया। साथ ही बरामद किए गांजे को पुलिस रिकॉर्ड में रखने के बजाय अपने सरकारी क्वार्टर में रखा। मामले के खुलासे के बाद जांच हुई और जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद तीनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों में एक बागीपाड़ा पुलिस चौकी के अधिकारी सनातन प्रधान और दो कॉन्सटेबल संजीव प्रधान और केशाब प्रधान शामिल हैं।
खबर के अनुसार, बीती 17 जनवरी को बागीपाड़ा इलाके में पुलिसकर्मियों ने मोटरसाइकिल पर 13 किलो गांजा लेकर जा रहे एक आरोपी का पीछा कर उसे पकड़ा। पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर पुलिस चौकी पहुंचे लेकिन वहां आरोपी और पुलिसकर्मियों के बीच सांठगांठ हो गई तो पुलिसकर्मियों ने आरोपी को बिना कोई कार्रवाई किए छोड़ दिया। इतना ही नहीं आरोपी पुलिसकर्मियों ने जब्त किए गए गांजे को पुलिस रिकॉर्ड में रखने के बजाय पुलिस चौकी के स्टोर रूम में रखा। इसके बाद आरोपी गांजे को अपने साथ अपने सरकारी क्वार्टर में ले गए और वहां गांजा रखा।
बौध एसपी प्रहलाद मीना को घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने बौध पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर इंचार्ज से मामले की जांच कराई। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों के सरकारी क्वार्टर से जब्त किया गया गांजा भी बरामद हो गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया। जांच में ये भी पता चला कि आरोपी पुलिसकर्मियों की स्थानीय गांजा तस्कर के साथ मिलीभगत थी। ओडिशा की दक्षिण रेंज के आईजी पुलिस सत्यब्रत भोई ने बताया कि आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।