पहली बार नासा मानव अन्वेषण रोवर चैलेंज के लिए भारत की एक स्कूल टीम का चयन किया गया है। नवोन्मेष प्रसार फाउंडेशन के संस्थापक अनिल प्रधान ने बताया की टीम एक रोवर बनाएगी जो मंगल की सतह पर आगे बढ़ सकता है। यकीनन ये अपने आप में गर्व की बात है कि भारत की स्कूल टीम का इसके लिए चयन किया गया है।
नवोन्मेष प्रसार स्टूडेंट एस्ट्रोनॉमी टीम में 10 स्कूली छात्र शामिल हैं, जिन्हें नासा मानव अन्वेषण रोवर चैलेंज 2021 में भाग लेने के लिए चुना गया है। बता दें कि ये रोवर चैलेंज अप्रैल के लिए निर्धारित है। एनएपीएसएटी भुवनेश्वर स्थित नवोन्मेष प्रसार फाउंडेशन की एक पहल है।
बता दें कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपने वार्षिक मानव अन्वेषण रोवर चैलेंज (ह्यूमन एक्सप्लोरेशन रोवर चैलेंज) के तहत हाईस्कूल और कॉलेज के छात्रों को चांद और मंगल ग्रहों पर भविष्य के अभियान के लिए रोविंग यान निर्मित करने और उनका परीक्षण करने के लिए आमंत्रित करती है।