ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में अंडों से मगरमच्छ के बच्चे निकलने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है और ये बच्चे विभिन्न जलाशयों में जाने लगे हैं। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंडों से बाहर निकलने के बाद शिशु मगरमच्छ राष्ट्रीय उद्यान के जलाशयों की ओर जाते हुये दिखाई दे रहे हैं।
राजनगर मैनग्रोव (वन्यजीव) वन संभाग के संभागीय वन अधिकारी प्रसन्न कुमार आचार्य ने बताया कि पिछले तीन दिनों से बच्चे निकलने की प्रक्रिया चल रही है और यह एक पखवाड़े तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि शिशु मगरमच्छ किसी परभक्षी का शिकार न बनें। बता दें कि मादा मगरमच्छ 70-80 दिनों के इन्क्यूबेशन पीरिएड के बाद एकबार में 50-60 अंडे देती है। बता दें कि मगरमच्छों में मृत्युदर बहुत अधिक होती है। सौ मगरमच्छ के बच्चे अगर जन्म लेते हैं उनमें से एक ही बच पाता है।
अधिकारी ने बताया कि जब मगरमच्छों का ब्रीडिंग सीजन चल रहा होता है उस दौरान पर्यटकों को उनके दरबे से दूर रखा जाता है। पर्यटकों को 31 मई से लेकर 31 जुलाई तक मगरमच्छों के बाड़े से दूर रखा जाता है क्योंकि इस दौरान उनके हिंसक होने का चांस बढ़ जाता है।