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ओडिशा राज्यसभा चुनाव: दो सीटों पर भाजपा की जीत तय, BJD को मिल सकती है एक सीट; चौथी सीट पर कड़ा मुकाबला संभव

Wed, 18 Feb 2026 09:52 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।

सार

निर्वाचन आयोग ने बुधवार को राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव तारीखों का एलान कर दिया। इन सभी सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होंगे। राज्यसभा की जिन सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार से लेकर तमिलनाडु तक की सीटें शामिल हैं।
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BJP VS BJD - फोटो : Amar Ujala (Adobe Stock)
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विस्तार
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ओडिशा में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो सीटें जीतने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है, जबकि विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) को एक सीट मिलना निश्चित है। चौथी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं, क्योंकि किसी भी दल के पास अकेले जीत के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि ओडिशा सहित दस राज्यों में राज्यसभा के नियमित चुनाव 16 मार्च को कराए जाएंगे। ओडिशा से उच्च सदन की चार सीटें 2 अप्रैल को खाली हो रही हैं, क्योंकि बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान तथा भाजपा के सुजीत कुमार और ममता मोहंता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

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सीटों का समीकरण
147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में भाजपा के पास 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी प्राप्त है। हाल ही में दो विधायकों के निलंबन के बाद बीजद की संख्या घटकर 48 रह गई है। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का एक सदस्य है।

राज्यसभा चुनाव के गणित के अनुसार एक उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 30 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से भाजपा आराम से दो सीटें जीत सकती है और बीजद एक सीट हासिल कर सकती है। हालांकि चौथी सीट के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
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दो उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के बाद भाजपा के पास 22 अतिरिक्त मत बचेंगे, जो तीसरी सीट के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम हैं। बीजद के पास एक सदस्य चुनने के बाद 18 अतिरिक्त मत रह जाएंगे। कांग्रेस के 14 विधायक अकेले किसी उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, भले ही उसे एक वामपंथी विधायक का समर्थन मिल जाए।

ये भी पढ़ें: 10 राज्यों में क्यों हो रहे राज्यसभा चुनाव: जिन 37 सीटों पर निर्वाचन, उनमें कैसे समीकरण, कहां-किसका पलड़ा भारी?

कांग्रेस भी उतारेगी अपनी प्रत्याशी
कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कदम ने कहा कि संख्या कम होने के बावजूद पार्टी उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि बीजद या तो उसके समर्थन से चौथी सीट के लिए उम्मीदवार उतारे या भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी का समर्थन करे। कदम के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास इस मुद्दे पर बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक से बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों दल चाहें तो संयुक्त उम्मीदवार भी उतारा जा सकता है।
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इससे पहले दास ने कहा था कि कांग्रेस राज्यसभा चुनाव हर हाल में लड़ेगी और उम्मीदवार पार्टी के भीतर या बाहर से हो सकता है। उनका मानना है कि यदि कांग्रेस और बीजद साथ आ जाएं तो जीत संभव है, हालांकि उन्हें भरोसा नहीं है कि क्षेत्रीय दल इस तरह की व्यवस्था के लिए तैयार होगा। बीजद या उसके अध्यक्ष की ओर से अब तक इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। उधर भाजपा ने विश्वास जताया है कि वह चौथी सीट भी जीत सकती है। भाजपा विधायक टंकधर त्रिपाठी ने कहा, “इंतज़ार कीजिए, भाजपा अधिकतम सीटें जीतेगी और सबको चौंकाएगी। 

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