सूचना आयुक्त प्रोफेसर राधा मोहन
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पद्मश्री से सम्मानित पर्यावरणविद और ओडिशा के पूर्व सूचना आयुक्त प्रोफेसर राधा मोहन का शुक्रवार को निधन हो गया। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मोहन (78 वर्ष) का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि निमोनिया के इलाज के बाद पिछले कुछ दिनों से वह आईसीयू में थे। राधा मोहन और उनकी बेटी को नयागढ़ जिले में बंजर भूमि को हरे भरे वन में बदलने की 30 साल की अथक मेहनत के लिए पिछले साल पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। पिता-बेटी ने जैविक खेती के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए सामाजिक संगठन का भी गठन किया था।
1943 में नयागढ़ के एक छोटे से गांव में पैदा हुए राधा मोहन ने पुरी के एससीएस कॉलेज से इकोनॉमिक्स में स्नातक किया और 1965 में उत्कल यूनिवर्सिटी से एप्लाइड इकोनॉमिक्स में पीजी किया। पुरी में एससीएस कॉलेज के प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें प्रदेश का सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया। ओडिशा सरकार ने उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें उत्कल सेवा सम्मान दिया। इसी तरह यूएनईपी ने उन्हें द ग्लोबल रोल ऑफ ऑनर प्रदान किया।
पीएम मोदी ने पद्म श्री राधा मोहन के निधन पर शोक व्यक्त किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर राधा मोहन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रोफेसर राधा मोहन का ओडिशा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उनका निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे।
मोदी ने ट्विटर पर अपने शोक संदेश में कहा, ‘ प्रो राधामोहन जी कृषि के बारे में गहराई से भावुक थे, खासकर टिकाऊ और जैविक प्रथाओं को अपनाने के लिए । उन्हें अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी से संबंधित विषयों पर उनके ज्ञान के लिए पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। उनके निधन से दुखी हूं।
उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति!’ ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी शोक व्यक्त किया और कहा, ‘गांधीवादी और पद्म श्री से सम्मानित प्रोफेसर राधामोहन के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। एक अर्थशास्त्री से पर्यावरणविद बने स्थायी जैविक खेती में विशिष्ट योगदान था। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों के साथ हैं।’