राजधानी भुवनेश्वर में किसानों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान, बिजली के निजीकरण को वापस लेने और राज्य में कृषि उद्देश्यों के लिए उन्हें मुफ्त बिजली प्रदान करने की मांग कर रहे हैं।
नवनिर्माण कृषक संगठन के बैनर तले राजधानी भुवनेश्वर में सोमवार को किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। किसान, बिजली के निजीकरण को वापस लेने और राज्य में कृषि उद्देश्यों के लिए उन्हें मुफ्त बिजली प्रदान करने की मांग कर रहे हैं।
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विधानसभा में जोरदार हंगामा, शाम चार बजे तक कार्यवाही स्थगित
वहीं, राज्य की विधानसभा में सोमवार को विपक्षी भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने कार्यवाही बाधित की। विधानसभा सदस्यों ने राज्य बोर्ड द्वारा आयोजित दसवीं की बोर्ड परीक्षा में कथित तौर पर गणित का पेपर लीक होने को लेकर हंगामा किया। दोपहर में 3,218 केंद्रों में पांच लाख से ज्यादा छात्र गणित की परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे।
सुबह साढ़े दस बजे प्रश्नकाल के लिए सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा के सदस्य स्पीकर के सामने आकर नारेबाजी करने लगें और राज्य की बीजद सरकार पर 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा पारदर्शी तरीके से कराने में विफल रहने का आरोप लगाने लगे। उनका आरोप है कि गणित के पेपर के सवाल वायरल हो गए। भाजपा विधायकों ने स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री एस आर दास के इस्तीफे की मांग की। हालांकि, मंत्री ने आरोपों से इनकार किया।
सदन में हंगामा शुरू होने के कारण कार्यवाही बाधित होने के कारण स्पीकर बी. के. अरूखा को सदन की कार्यवाही शाम चार बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन मांझी ने सदन के बाहर पत्रकारों से कहा कि मंत्री गलत सूचना दे रहे हैं। उन्होंने दास पर पेपर लीक के बारे में सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कहा कि सवाल पहले ही वायरल हो चुके हैं।
कांग्रेस के सचेतक (व्हिप) ताराप्रसाद बाहिनीपति ने भी विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा कि कुछ छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सुनियोजित तरीके से प्रश्न वायरल किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मेधावी छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर देगा। उन्होंने मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।