भाजपा ने आरोप लगाया है कि नब कुमार दास हत्याकांड की जांच बहुत धीमी गति से चल रही है और पुलिस आरोपी गोपाल दास को मानसिक रूप से बीमार घोषित करने में जुटी है। कांग्रेस ने भी इस मामले में सवाल उठाए हैं।
ओडिशा के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नब कुमार दास की हत्या की गुत्थी तीन महीने बाद भी अनसुलझी है। ओडिशा पुलिस अभी तक इस बात का खुलासा नहीं कर सकी है कि पूर्व मंत्री की हत्या किस वजह से की गई। विपक्षी पार्टियां भी अब इस पर सवाल उठा रही हैं। विपक्षी पार्टियों ने मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि क्राइम ब्रांच हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा पाएगी।
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सब इंस्पेक्टर ने गोली मारकर की थी हत्या
बता दें कि ओडिशा की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री नब कुमार दास की 29 जनवरी 2023 को हत्या कर दी गई थी। पूर्व मंत्री की सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर गोपाल दास ने ही गोली मारकर नब कुमार दास की हत्या कर दी थी। गोली मारने के तुरंत बाद गोपाल दास को गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है और लगातार उससे पूछताछ चल रही है लेकिन अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
हत्याकांड पर राजनीति शुरू
अब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री की विधानसभा सीट झारसुगड़ा पर उपचुनाव हो रहे हैं। इस उपचुनाव में बीजू जनता दल ने नब कुमार दास की बेटी दीपाली दास को टिकट दिया है। वहीं भाजपा ने तंकाधार त्रिपोथी और कांग्रेस ने तरुण पांडे को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि नब कुमार दास हत्याकांड की जांच बहुत धीमी गति से चल रही है और पुलिस आरोपी गोपाल दास को मानसिक रूप से बीमार घोषित करने में जुटी है। कांग्रेस ने भी इस मामले में सवाल उठाए हैं।
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कांग्रेस ने मांग की है कि मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए। वहीं बीजद ने इस मामले पर राजनीति ना करने की अपील की है। बीजद का कहना है कि क्राइम ब्रांच विभिन्न एंगल से मामले की जांच कर रही है, जिसकी वजह से इसमें समय लग रहा है। बीजद ने कहा कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।