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ओडिशा में सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाला: सीएम माझी ने CBI जांच की सिफारिश की; स्थायी चयन आयोग बनाने पर भी विचार

Wed, 22 Oct 2025 10:58 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा में सब-इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में सरकार ने फैसला लेते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है। बता दें कि इस मामले में अब तक 123 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 114 अभ्यर्थी शामिल हैं। वर्तमान में मामले की जांच ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।
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मोहन चरण माझी, सीएम, ओडिशा - फोटो : ANI
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विस्तार
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ओडिशा में सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद राज्य की भाजपा सरकार ने बुधवार को मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि अब तक हुई जांच से पता चला है कि यह भ्रष्टाचार ओडिशा के अलावा अन्य राज्यों, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल, तक फैला हो सकता है। साथ ही, इस मामले में एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह की संलिप्तता की भी आशंका है।
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सीएम ने सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद लिया फैसला
मुख्यमंत्री मोहन चरण माजी ने मामले में कई हितधारकों से चर्चा करने के बाद जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार को पूरी तरह उजागर करने और इसमें शामिल सभी अपराधियों को सख्त सजा दिलाने के लिए केंद्रीय जांच जरूरी है।
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स्थायी चयन आयोग बनाने पर भी विचार
इसके साथ ही राज्य सरकार ने यह भी कहा कि पुलिस और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक स्थायी चयन आयोग गठित करने पर विचार किया जा रहा है।

अब तक 123 गिरफ्तारियां, कैसे हुआ खुलासा?
भर्ती परीक्षा 5 और 6 अक्तूबर को होनी थी, लेकिन गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड (ओपीआरबी) ने परीक्षा स्थगित कर दी। कुल 933 पदों के लिए 1.53 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इस गड़बड़ी का पर्दाफाश तब हुआ जब 29 सितंबर की रात आंध्र प्रदेश सीमा पर 114 उम्मीदवारों और तीन दलालों को पकड़ा गया। ये लोग भुवनेश्वर से विजयनगरम के एक तथाकथित 'स्पेशल कोचिंग सेंटर' जा रहे थे।

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रैकेट का तरीका और रकम का खेल
पुलिस के अनुसार, अभ्यर्थियों ने गिरोह को पहले ही 10 लाख रुपये दिए थे और चयन के बाद 25 लाख रुपये और देने का वादा किया था। गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली से काम कर रहा था, लेकिन अभी तक फरार है।

अन्य राज्यों तक फैला है नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला कि 30 सितंबर को पश्चिम बंगाल के दीघा में भी इसी तरह का कोचिंग सत्र होने वाला था, जिसमें 110 उम्मीदवार शामिल होने वाले थे। लेकिन ओडिशा के बेरहामपुर में हुई कार्रवाई के बाद उसे रद्द कर दिया गया। सरकार का कहना है कि इस भर्ती घोटाले की जड़ें गहरी हैं और इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी की मदद से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
 
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