ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रथ यात्रा से पहले दो हजार से ज्यादा सेवादारों के नमूने लिए गए थे। 22 जून को आई इनकी रिपोर्ट में से केवल एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अधिकारी ने बताया कि उक्त सेवादार को अनुष्ठानों से दूर रखा गया और एक विशेष अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों के संपर्क में वह सेवादार आया था उनके भी सैंपल लिए गए हैं और जांच के लिए भेज दिए गए हैं। अधिकारी ने कहा कि बुधवार रात को इससे संबंधित 16 में से 14 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
जगन्नानाथ मंदिर प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष एससी महापात्रा ने कहा कि करीब 2500 सेवादारों का दोबारा कोविड-19 परीक्षण होगा। भगवान जगन्नाथ और उनके दिव्य भाई-बहन के रथों के लौटने यानी 'बहुदा जतरा; से पहले यह प्रक्रिया 28 जून तक पूरी होगी। संक्रमणमुक्त सेवादारों को ही इसमें शामिल होने की अनुमति होगी'
पुरी में सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुरूप भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकाले जाने के एक दिन बाद पुलिस ने बुधवार को लोगों से इस धार्मिक नगरी में नहीं आने का अनुरोध किया है। पुलिस ने कहा है कि श्रद्धालुओं को देवी-देवताओं के दर्शनों की अनुमति नहीं है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभय ने इस संबंध में ट्वीट किया, 'पुरी के कुछ इलाकों में कर्फ्यू को देखते हुए सभी से आज पुरी जाने से बचने का अनुरोध किया जाता है। एक बार फिर दोहराया जाता है कि श्रद्धालुओं को तीनों देवी-देवताओं के दर्शन की अनुमति नहीं है।'