भाजपा के महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य गोपीचंद पडालकर ने बुधवार को कहा कि राकांपा प्रमुख शरद पवार 'कोरोना' है जिन्होंने महाराष्ट्र को संक्रमित किया है। इस पर सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक एऩसीपी ने तीखा पलटवार किया।
एऩसीपी ने पडालकर के आपत्तिजक बयान को लेकर भाजपा पर पलटवार किया और कहा कि रोज विपक्षी दल के नेता कुछ न कुछ ऐसा बयान देते रहते हैं जिसे, बेहतर है कि गंभीरता से नहीं लिया जाए।पडलकर ने धांगर (गड़ेरिया) समुदाय के लिए आरक्षण के लंबित मुद्दे पर भी राजनीति करने का आरोप लगाया।
धांगर समुदाय से संबद्ध पडलकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'मेरे हिसाब से शरद पवार एक ऐसा कोरोना हैं जिन्होंने राज्य को संक्रमित किया है। पवार ने हमेशा ऐसे कदम उठाए जिनसे आम लोगों की समृद्धि प्रभावित हुई।'
उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि वह धांगर आरक्षण को लेकर सकारात्मक हैं।' महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा के प्रवक्ता नवाब मलिक ने पवार पर पडालकर के हमले को लेकर भाजपा की निंदा की और कहा कि ऐसे बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
एक अन्य एऩसीपी नेता और सामाजिक न्याय मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि पडलकर की मंशा पवार जैसे कद्दावर नेता की आलोचना करके राजनीति में चर्चा में बने रहना है। इस बीच बीड, मध्य महाराष्ट्र में एऩसीपी की युवा शाखा के सदस्यों ने पडलकर के खिलाफ प्रदर्शन किया।
फडणवीस ने कहा- पडलकर ने भावनाओं में बहकर की पवार के खिलाफ की टिप्पणी
भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि पार्टी के विधान परिषद सदस्य गोपीचंड पडलकर ने एऩसीपी प्रमुख और अनुभवी नेता शरद पवार पर जो टिप्पणी की वह समुचित नहीं है और भावनाओं में बहकर की गई थी।
आज दिन में पडलकर ने पवार को 'कोरोना' बताते हुए कहा था कि उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को संक्रमित कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोलापुर में संवाददाताओं से कहा, 'वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना समुचि नहीं है।'
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता फडणवीस ने कहा, 'मैंने पडलकर से बात की। मैंने उनसे कहा कि, हालांकि पवार साहब हमारे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन वह हमारे दुश्मन नहीं हैं। मैंने उनसे कहा कि पवार साहब को भूल भी जाओ तो किसी भी वरिष्ठ नेता के खिलाफ ऐसी टिप्प्णी करना समुचित नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'अगर कोई अपना विरोध दर्ज कराना चाहता है तो उसके लिए उचित शब्दों का चयन और उपयोग करना चाहिए।' फडणवीस ने कहा कि पडलकर ने स्वीकार किया कि उन्होंने भावना में बहकर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'पडलकर ने कहा है कि वह इसपर स्पष्टीकरण देंगे। उन्होंने स्वीकार किया है.... सभी दलों के युवा नेताओं को बोलते वक्त संयम बरतना चाहिए।'