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Odisha: सरकार ने शिक्षकों को काम पर लौटने का दिया आदेश, कहा- तय समय में पूरा नहीं हुआ पाठ्यक्रम तो…

Fri, 15 Sep 2023 01:29 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने गुरुवार को सभी जिला और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में निदेशक ने कहा कि अधिकांश आंदोलनकारी शिक्षक बिना अनुमति के बीईओ दफ्तर के सामने धरना दे रहे हैं। यह कदाचार है।
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प्रदर्शन के कारण वीरान पड़े स्कूल। सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओडिशा में सरकारी स्कूलों के प्राथमिक शिक्षकों की आनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। हड़ताल के छठें दिन राज्य सरकार ने राज्य के 1.30 लाख प्राथमिक शिक्षकों को दोबारा स्कूलों में लौटने का आदेश दिया है। ओडिशा के करीब 1.30 लाख शिक्षक पिछले पांच दिनों से सामूहिक अवकाश पर हैं। शिक्षकों के अवकाश के कारण राज्य के करीब 54,000 स्कूल बंद हैं, जिससे करीब 40 लाख छात्र परेशान हैं। हालांकि, शिक्षक अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जबतक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जाती हम अपने जगह से नहीं हिलेंगे।
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पढ़िए, निदेशक ने पत्र में क्या कहा
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने गुरुवार को सभी जिला और ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में निदेशक ने कहा कि अधिकांश आंदोलनकारी शिक्षक बिना अनुमति के बीईओ दफ्तर के सामने धरना दे रहे हैं। यह कदाचार है। निदेशक ने पत्र में कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2023 में 220 कार्यदिवस होंगे। अगर पाठ्यक्रम सहित अन्य काम इन कार्यदिवस में पूरे नहीं हुए तो इसकी भरपाई की जाएगी। शिक्षकों की मांग के लिए संघ के पदाधिकािरियों की उपस्थिति में उप-समिति का गठन किया गया है। समिति उनकी मांगों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए अंतर-मंत्रालयी समिति को अपने फैसले की सिफारिश करेगी। निदेशकों ने कहा कि शिक्षा अधिकारी जिला-ब्लॉक स्तरों पर शिक्षक संघों को बताएं और छात्रों के भविष्य के हित में शिक्षकों से हड़ताल वापस लेने और स्कूलों में लौटने के लिए कहें।

शिक्षकों ने किया विरोध
हालांकि, आंदोलनकारी शिक्षक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि मांगे पूरा होने तक वे विरोध जारी रखेंगे। ऑल उत्कल प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन के समन्वयक ज्योति रंजन मिश्रा ने कहा कि यह पत्र साबित करता है कि सरकार आखिरकार जाग गई है। हमें सरकार के ऐसे चेतावनी पत्रों की परवाह नहीं है। हम तब तक अपना विरोध जारी रखेंगे जब तक सरकार हमारी मांगें स्वीकार नहीं कर लेती। 
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शिक्षकों की यह है मांगें
जानकारी के अनुसार, शिक्षकों की मांग है कि संविदा नियुक्ति प्रणाली को खत्म कर पुरानी पेंशन लागू की जाए। हड़ताल पर बैठे शिक्षकों की मांग है कि ग्रेड वेतन में बढ़ोत्तरी की जाए। ओडिशा सरकार ने हड़ताल वापस लेने की मांग की है। बावजूद इसके शिक्षकों ने अपना आंदोलन जारी रखा है। यूनाइटेड प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन के बैनर तले शिक्षकों ने आठ सितंबर को आंदोलन शुरू किया। विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य के 56 हजार प्राथमिक स्कूल प्रभावित हैं। अधिकांश स्कूलों में सिर्फ प्रार्थना होती है तो वहीं कुछ स्कूल में सिर्फ एक या दो शिक्षक ही हैं। 
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