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Odisha: पूर्व राज्यपाल के इस्तीफे के बाद सरकारी अधिकारी ने जताई न्याय की उम्मीद, बेटे द्वारा मारपीट का मामला

Wed, 25 Dec 2024 11:31 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

पूर्व राज्यपाल रघुवर दास के इस्तीफे के बाद प्रधान अधिकारी की पत्नी ने अब न्याय मिलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि अब जब रघुबर दास राज्यपाल नहीं रहे। अब हमें उम्मीद है कि दोषी को सजा मिलेगी।
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रघुबर दास - फोटो : PTI
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विस्तार
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छह महीने पहले जुलाई में ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुबर दास के बेटे ललित कुमार पर एक सरकारी अधिकारी पर हमला करने का आरोप लगा था। मामले में बताया गया कि इस घटना में बैकुंठ प्रधान नामक सहायक अनुभाग अधिकारी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था, जिसको लेकर अब मामले में प्रधान की पत्नी सायोजी ने बुधवार को कहा कि अब जब रघुबर दास राज्यपाल नहीं रहे। अब हमें उम्मीद है कि दोषी को सजा मिलेगी। सायोजी ने यह भी बताया कि रघुबर दास ने जुलाई में उनसे न्याय का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 

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अधिकारी की पत्नि ने आगे बताया कि पूर्व राज्यपाल जब मैं जब 13 जुलाई को रघुबर दास तो मुझे उन्होंने न्याय का आश्वासन दिया था, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को मिजोरम के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति को ओडिशा का नया राज्यपाल नियुक्त किया और दास का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।  

विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
गौरतलब है कि ओडिशा विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया गया, जहां राज्य सरकार ने बताया कि पुरी के जिला मजिस्ट्रेट इस मामले की जांच कर रहे हैं और एक महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करेंगे। इसके साथ ही मामले में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आरोप लगाया कि राज्यपाल के बेटे की वजह से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या प्रभावशाली लोगों, जैसे राज्यपाल के बेटे या मंत्री के बेटे, के लिए कानून अलग है और क्या वे किसी भी अभियोजन से मुक्त होते हैं?
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बता दें कि यह घटना 7 जुलाई को पुरी में राज्यपाल के घर पर हुई थी, जब ललित कुमार और उनके साथियों ने प्रधान पर हमला किया। उस समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए पुरी में मौजूद थीं, और प्रधान को उनकी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। इसके बाद प्रधान ने 10 जुलाई को पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी। 

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