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ओडिशा: अंधविश्वास से परेशान जिलाधिकारी ने कहा- भूत को ढूंढ़कर लाओ, 50 हजार इनाम पाओ

Mon, 28 Oct 2019 01:03 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
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सांकेतिक तस्वीर
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ओडिशा के एक जिलाधिकारी ने जादू-टोना और अंधविश्वास से जुड़ी प्रथाओं से उबारने और लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए रोचक पहल शुरू की है। इसके तहत जो व्यक्ति भूतों के अस्तित्व को साबित कर देगा, उसे 50 हजार रुपये का इनाम दिए जाने की घोषणा की गई है।

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यह पहल गंजाम जिले जिलाधिकारी विजय अमृत कुलंगे ने शुरू की। उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक भूतों का कोई अस्तित्व नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति भूतों के अस्तित्व को साबित कर दे या अंधविश्वासों को जायज ठहरा दे तो मेरी तरफ उसे 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि गंजाम जिले में जादू-टोने की दो घटनाएं सामने आई थी। 

जादू-टोने की घटनाओं में हुई हिंसा के बाद उठाया कदम
दरअसल, कुछ सप्ताह पहले गोपापुर में ग्रामीणों ने जादू-टोने के शक में छह लोगों के दांत तोड़ दिए थे। जगन्नाथ प्रदा में लोगों को अपशिष्ट पदार्थ खाने के लिए मजबूर किया गया था। पुलिस ने एक मामले में 35 जबकि दूसरे मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं, कुछ लोगों द्वारा जादू-टोने के शक में लोगों को बहिष्कार करने की घटनाएं भी सामने आई थी। 
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बीमार व्यक्ति को लोग डॉक्टरों के पास ले जाएं, न कि झाड़-फूंक वालों के पास
जिलाधिकारी कुलंगे ने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि जादू-टोने से कोई भी बीमार नहीं होता। लोगों का मानना है कि उनके रिश्तेदार जादू-टोने की वजह से ही बीमार होते हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में बीमार व्यक्ति को डॉक्टर के पास ले जाने की जगह वे उसे झाड़-फूंक करने वालों के पास ले जाते हैं। मेरी लोगों को सलाह है कि किसी को दोषी ठहराने के बजाए बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं। 

साप्ताहिक जन सुनवाई में जादू-टोने की शिकायतें मिल रही है
जिलाधिकारी ने बताया कि हर सप्ताह आयोजित होने वाले साप्ताहिक जन सुनवाई में लोग जादू-टोने संबंधी शिकायतें लेकर आते हैं। हमारी तरफ से ढ़ेर सारे जागरुकता अभियानों के बाद भी ग्रामीण इलाकों में लोग अभी भी अंधविश्वास के जाल में फंसे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि गांवों में स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देकर लोगों को यह समझाने की जरूरत है कि इस तरह जादू-टोना करने से कोई बीमार नहीं होता। यह पहल सही साबित हो सकती है। 

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