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ओडिशा: डीजी जेल पर अधीनस्थ महिला कर्मचारी से यौन उत्पीड़न का केस, जांच तक पद से हटाए गए; जानें पूरा मामला

Sun, 01 Nov 2026 06:49 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा के डीजी जेल सुशांत कुमार नाथ पर महिला जेलर ने यौन उत्पीड़न और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के बाद सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया है। मामले में अब संसदीय समिति ने भी अधिकारियों को बुलाया है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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ओडिशा के डीजी जेल सुशांत कुमार नाथ के खिलाफ अधीनस्थ महिला कर्मचारी के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में केस दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जांच पूरी होने तक उन्हें पद से हटा दिया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

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इस मामले में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी नाथ के साथ उनके एक दोस्त कुडलिप रथ को भी आरोपी बनाया गया है। सरकार ने नाथ को गृह विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के पद पर स्थानांतरित कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जांच लंबित रहने तक की गई है।

यौन उत्पीड़न और धमकी समेत कई धाराओं में केस
पुलिस ने नाथ और उनके दोस्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और साझा मंशा से संबंधित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों के खिलाफ 31 अक्तूबर को कटक जिले के चौद्वार पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया। मामले की जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर विकास सेठी को सौंपी गई है।
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डिनर पर मिलने के लिए भेजे गए कथित संदेश
शिकायतकर्ता 41 वर्षीय महिला जेलर हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि रथ ने जुलाई 2025 से कई बार फोन किया और उन्हें आईपीएस अधिकारी नाथ से डिनर पर मिलने के लिए कहा। महिला के मुताबिक, रथ ने उन्हें कई ऐसे संदेश भी भेजे, जो आपत्तिजनक और उनकी इच्छा के खिलाफ थे।

महिला ने दावा किया कि निमंत्रण ठुकराने के बाद उन्हें उनके प्रभार वाली जेल से कैदियों के फरार होने के मामले में झूठा फंसाया गया। एफआईआर के मुताबिक, जुलाई 2025 में नाथ ने महिला जेलर से रथ को कटक की चौद्वार सर्किल जेल आने देने के लिए कहा था। उस समय महिला वहीं जेलर के पद पर तैनात थीं। इसके बाद रथ ने उनका फोन नंबर लिया और कथित तौर पर उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए।

होटल और रेस्टोरेंट में मिलने का भी लगाया आरोप
शिकायत के अनुसार, 29 अगस्त 2025 को रथ ने महिला को फोन कर नाथ के साथ कटक के एक रेस्टोरेंट में डिनर के लिए आमंत्रित किया। सितंबर 2025 में उसने फिर एक होटल में डिनर और पार्टी के लिए बुलाया। महिला का आरोप है कि रथ ने कहा था कि आईपीएस अधिकारी उनसे अकेले मिलना चाहते हैं।

महिला ने दोनों बार निमंत्रण ठुकरा दिया। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि निजी मुलाकात के लिए किए गए अनचाहे अनुरोध को स्वीकार नहीं करने के बाद से डीजी जेल उन्हें निशाना बना रहे हैं।

जेल से कैदियों के फरार होने के बाद हुआ तबादला
शिकायतकर्ता के अनुसार, अक्टूबर 2025 में दुर्गा पूजा के दौरान चौद्वार सर्किल जेल से दो विचाराधीन कैदी फरार हो गए थे। इसके बाद उनका तबादला कांटाबांजी उप-जेल में कर दिया गया। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वह तुरंत नई जगह पर कार्यभार नहीं संभाल सकीं। महिला ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में ड्यूटी ज्वाइन की, लेकिन दोबारा बीमार पड़ गईं और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि चौद्वार जेल के वरिष्ठ अधीक्षक ने कैदियों के फरार होने के मामले में उन्हें फंसाने के लिए उनके हस्ताक्षर और दस्तावेजों में हेरफेर किया। बाद में उन्होंने जेल अधीक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के अनुसार, इस मामले की भी जांच चल रही है।

छह महीने तक नहीं मिला निर्वाह भत्ता
महिला ने आरोप लगाया कि इस साल फरवरी में उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद करीब छह महीने तक उनका निर्वाह भत्ता भी रोक दिया गया, जिससे उन्हें और उनकी दो नाबालिग बेटियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के हस्तक्षेप के बाद चार अगस्त 2026 को उनका भत्ता जारी किया गया।

महिला ने अपनी पुलिस शिकायत में आरोप लगाया कि नाथ की ओर से उन्हें होटल में अकेले मिलने के लिए मजबूर करने की कोशिश और उनके इनकार के बाद बदले की कार्रवाई की गई।

DGP पद के दावेदारों में शामिल हैं नाथ
59 वर्षीय सुसांत कुमार नाथ 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अधिकारियों के अनुसार, वह राज्य में पुलिस महानिदेशक (DGP) पद के दावेदारों में शामिल हैं। इस पद के लिए चयन प्रक्रिया संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में चल रही है। 

3 नवंबर को गृह सचिव समेत अधिकारियों को बुलाया
इस बीच, ओडिशा से राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार की अध्यक्षता वाली कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने इस मामले में गृह सचिव और संबंधित अधिकारियों को तीन नवंबर को तलब किया है।

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