संक्रमण रोकने में प्रशासन दिन-रात जुटा हुआ है
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कोरोना वायरस से लड़ने में स्वास्थ्यकर्मी, सरकारी प्रशासन, पुलिसकर्मियों, सफाईकर्मियों समेत हजारों लोग दिन रात जुटे हुए हैं। कुछ लोगों ने तो जन सेवा में खुद को इस कदम झोंक दिया है कि वे अपना दुख भी भूल गए हैं।
ओडिशा में कटक के जिलाधिकारी भबानी शंकर चैनी भी एक ऐसे ही शख्स हैं। पिता का निधन हुआ, लेकिन कोरोना से लड़ाई में डटे इस सिपाही ने पहले अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देकर नई मिसाल पेश की।
जिलाधिकारी के पिता और पूर्व अधिकारी दामोदर चैनी (98) का मंगलवार को निधन हो गया। दौरान भबानी शंकर शहर और बाकी जिले में महामारी से निपटने के इंतजाम करने में व्यस्त थे। कोविड-19 पर राज्य सरकार के प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने कटक के जिलाधिकारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि चैनी ने पारिवारिक शोक के बावजूद जनता की सेवा को तरजीह दी।
चैनी के हवाले से बागची ने कहा, 'मेरे पिता कहा करते थे कि अधूरा काम कोई काम नहीं होता।' चैनी के पिता के शब्दों ने ही उन्हें ऐसे शोक के समय में भी अपना काम पूरा करने में जुटे रहने की ताकत दी।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी कटक के जिलाधिकारी के पिता के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट करके ऐसे पारिवारिक शोक के समय में भी बिना अवकाश लिए अपना फर्ज निभाने को लेकर जिलाधिकारी की प्रशंसा की।