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Odisha: 11 साल बाद आतंकवाद मामले में अब्दुर रहमान बरी, अदालत ने सबूतों को बताया अपर्याप्त; जानें क्या थे आरोप

Wed, 27 May 2026 01:47 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटक

सार

ओडिशा के कटक की अदालत ने 2015 के आतंकवाद मामले में अब्दुर रहमान को 11 साल बाद सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि एक्यूआईएस से संबंध, कट्टरपंथ फैलाने और देशद्रोह जैसे आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। 

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आतंकवाद मामले में अब्दुर रहमान बरी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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करीब 11 साल पुराने आतंकवाद से जुड़े एक चर्चित मामले में ओडिशा के कटक की एक अदालत ने मौलाना अब्दुर रहमान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत पेश नहीं कर पाया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गवाहों के बयान और पेश किए गए सबूत इतने मजबूत नहीं थे कि उनके आधार पर आरोप तय किए जा सकें।
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मौलाना अब्दुर रहमान पर क्या लगे थे आरोप?
अब्दुर रहमान को साल 2015 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा यानी एक्यूआईएस से संबंध रखने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और आतंकी गतिविधियों के लिए लोगों की भर्ती करने के आरोप लगाए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा था कि वह कटक के पास तांगी इलाके में एक मदरसा चलाते थे, जहां झारखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को रखा जाता था। आरोप था कि वहां बच्चों को खराब परिस्थितियों में रखा गया था। उन पर यह आरोप भी लगाया गया था कि उन्होंने 2015 में दो बार सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की थी। इसके अलावा उनके जम्मू-कश्मीर कई बार जाने की बात भी जांच में सामने आने का दावा किया गया था।
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NIA के साथ-साथ राज्य पुलिस ने दर्ज किए थे केस
इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), झारखंड के जमशेदपुर पुलिस और कटक कमिश्नरेट पुलिस सहित कई एजेंसियों ने अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। बाद में मामले की जांच ओडिशा क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। ओडिशा क्राइम ब्रांच ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए उनके खिलाफ देशद्रोह की धाराएं भी लगाई थीं। हालांकि अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन गंभीर आरोपों को साबित करने में सफल नहीं रहा।
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16 दिसंबर 2015 की रात हुई थी गिरफ्तारी
अब्दुर रहमान को 16 दिसंबर 2015 की रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस की संयुक्त टीम ने कटक के पास उनके घर पर छापेमारी कर गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनका पासपोर्ट, मोबाइल फोन, टैबलेट और कुछ दस्तावेज जब्त किए थे। वहीं, रहमान के परिवार ने शुरुआत से ही उन पर लगे सभी आरोपों को गलत बताया था। अब अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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