ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। कांग्रेस कार्यकर्ता सदन से 14 कांग्रेस विधायकों के निलंबन के खिलाफ ओडिशा विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया।
ओडिशा में सियासी भूचाल जारी है। भुवनेश्वर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सदन से 14 कांग्रेस विधायकों के निलंबन के खिलाफ ओडिशा विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। देखते देखते कांग्रेस समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प तेज हो गई, जिसमें करीब 25 लोग घायल हो गए। इन घायलों में 15 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने नियंत्रण पाने के लिए उन पर पानी की बौछार भी की।
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प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए तैनात थे 2400 पुलिसकर्मी
बता दें कि बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेड्स लगाए थे। साथ ही विधानसभा घेराव से पहले सड़कों पर करीब 2400 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ीं। मामले में कांग्रेस का कहना है कि पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया, जबकि प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा सकता था।
क्या है मामला?
दरअसल, 25 मार्च को ओडिशा की विधानसभा में असंसदीय आचरण करने के दोषी कांग्रेस विधायकों को स्पीकर ने निलंबित कर दिया था। अब तक 14 विधायकों को निलंबित किया गया है। निलंबित विधायकों में कांग्रेस विधायक दल के नेता रमा चंद्र कदम, सागर चरण दास, मांगू खिल्ला, सत्यजीत गोमांगो, अशोक कुमार दास, दासरथी गमांगो और सोफिया फिरदौस भी शामिल हैं। अध्यक्ष के फैसले के बाद कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया और विरोध में घंटी बजाने लगे। देर रात तक विधायक सदन में ही डटे रहे थे।
महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर विधानसभा में हुआ था हंगामा
निलंबन के बाद ओडिशा के कांग्रेस प्रभारी अजय कुमार लल्लू ने विधानसभा के बाहर मीडिया से कहा था, 'देश में महिला सुरक्षा की बात करना कब से अपराध हो गया? ओडिशा में 64000 से ज्यादा महिलाएं लापता हैं। हर दिन गैंगरेप हो रहे हैं। अगर चुने हुए विधायक सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगते हैं, तो सरकार को किस बात का डर है? हमारे विधायकों को निलंबित करना अलोकतांत्रिक है। हम चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने आज यानी 27 मार्च को विधानसभा का घेराव और विरोध प्रदर्शन का एलान किया था।