ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य के लोगों ने बालासोर ट्रेन दुर्घटना में 1,000 से अधिक लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग दुर्घटना के तुरंत बाद कार्रवाई में जुट गए थे। इस दौरान बचाव कार्यों में सहयोग करते लोग और रक्तदान के लिए लगी लंबी कतारें देखना दुर्लभ और बहुमूल्य दृश्य हैं। पटनायक ने यह बातें एक समारोह में कहीं, जहां 1,205 चिकित्सा अधिकारी राज्य सरकार में शामिल हुए।
स्थानीय लोगों ने एक हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई: पटनायक
रेल हादसे में जान गंवाने वालों की याद में एक मिनट का मौन रखने के बाद पटनायक ने कहा कि स्थानीय लोगों के प्रयासों ने ओडिशा के लोगों की करुणा और मानवता को प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि "डॉक्टर, मेडिकल के छात्र, आम जनता और सभी के मन में एक ही बात थी- आइए हम जितने लोगों की जान बचा सकते हैं बचाएं। और हमने एक हजार से ज्यादा लोगों की जान बचाई। बचाव कार्यों में सहायता करते लोग और रक्तदान के लिए लंबी कतारें देखना दुर्लभ और बहुमूल्य दृश्य हैं। मुझे अपने लोगों पर गर्व है। मुझे ओडिशा पर गर्व है।"
दुर्घटना ने ओडिशा की ताकत और उसकी क्षमता को साबित किया: पटनायक
ट्रेन हादसे को याद करते हुए सीएम पटनायक ने कहा कि बालासोर में हुई त्रासदी से हर कोई वाकिफ है, जिसने देश, यहां तक कि दुनिया को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने कहा, यह अपार दु:ख और शोक की घड़ी है। लेकिन, इस दुर्घटना ने ओडिशा की ताकत, संकट के समय उम्मीदों पर खरा उतरने की उसकी क्षमता को साबित कर दिया।
पटनायक ने यह भी दावा किया कि दुर्घटना की खबर सामने आते ही राज्य प्रशासन हरकत में आ गया। उन्होंने कहा, मंत्री, शीर्ष अधिकारी, सहायक कर्मचारी...सभी दुर्घटनास्थल और स्वास्थ्य केंद्रों पर मौजूद थे, व्यवस्था कर रहे थे और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे थे और घायलों का इलाज कर रहे थे। पटनायक ने कहा कि यह देखते हुए कि ओडिशा लंबी और मध्यम अवधि की रणनीतियों के साथ चक्रवात और कोविड-19 का प्रबंधन करने में सफल रहा है, राज्य ने अब साबित कर दिया है कि वह इस तरह के संकट का प्रबंधन करने में समान रूप से सक्षम है।
राज्य सरकार ने मरने वालों की संख्या में किया बदलाव, मृतकों की संख्या 288 हुई
इससे पहले दिन में राज्य सरकार ने बालासोर ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या को संशोधित कर 288 कर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्य सचिव पीके जेना ने कहा कि सोमवार तक 275 मौतों की पुष्टि की गई थी और शवों के सत्यापन के बाद यह संख्या बढ़कर 288 हो गई है। जेना ने कहा कि कुल 288 शवों में से अब तक 205 शवों की पहचान हो चुकी है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
उन्होंने कहा कि शेष 83 शवों को पहचान के लिए एम्स-भुवनेश्वर और अन्य अस्पतालों में रखा गया है। मुख्य सचिव ने कहा, सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर संबंधित कई लोगों ने पूछताछ की है। हमें उम्मीद है कि सभी शवों की पहचान कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घायलों के इलाज और शवों को उनके घर तक पहुंचाने का खर्च वहन कर रही है।
इस बीच, सीएम पटनायक ने ओडिशा के 39 मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि के भुगतान के लिए 1.95 करोड़ रुपये को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार, मृतक के परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। यह पैसा मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से मुहैया कराया जा रहा है।