मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में ओडिशा कैबिनेट ने 11 विभागों के 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसमें कृषि, जल निकासी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े फंड शामिल हैं। साथ ही नौवीं-दसवीं के छात्रों को मुफ्त किताब देने की भी योजना है।
ओडिशा सीएमओ ने ट्वीट कर कैबिनेट से मंजूर प्रस्तावों की जानकारी दी है। ट्वीट में सीएमओ ने लिखा, 'मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में ओडिशा कैबिनेट ने 11 विभागों के 14 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिससे सुशासन, समावेशी विकास और 'समृद्ध ओडिशा' के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।'
विज्ञापन
ओडिशा कैबिनेट के 14 बड़े फैसले:-
खाद और बीज आपूर्ति के लिए 1,360 करोड़ रुपए का फंड: वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक चार साल की योजना के तहत समय पर खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए ओएससीएमएफ और ओएसएससी को ब्याज मुक्त रिवॉल्विंग फंड मिलेगा।
शहरी जल निकासी के लिए 500 करोड़ रुपए मंजूर: वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षीय योजना के तहत शहरी निकायों और चयनित ब्लॉक मुख्यालयों में जल निकासी व्यवस्था सुधारी जाएगी, जिससे जलभराव और स्थानीय बाढ़ की समस्या कम होगी।
महानदी रिवरफ्रंट का होगा विकास: कटक में 133.72 करोड़ रुपए की लागत से महानदी किनारे रिवरफ्रंट, सैरगाह, हरित क्षेत्र, कटक हाट, ओपन एयर थिएटर और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ओडिशा माध्यमिक शिक्षा नियम, 2026 को मंजूरी: वर्ष 1993 के पुराने नियमों की जगह नए नियम लागू होंगे। शिक्षकों की सेवा संबंधी विसंगतियां दूर होंगी और राज्यस्तरीय समान कैडर व्यवस्था बनेगी। हिंदी और संस्कृत शिक्षकों को कैडर का दर्जा एवं पदोन्नति के अवसर मिलेंगे।
मत्स्य विभाग में 329 नए पद बढ़ेंगे: ओडिशा अधीनस्थ मत्स्य सेवा कैडर के स्वीकृत पदों की संख्या 445 से बढ़ाकर 774 की जाएगी। इससे जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता और मत्स्य सेवाओं में सुधार होगा।
केंदुझर में डिजास्टर रिकवरी एवं डेटा सेंटर: 176.83 करोड़ रुपए की लागत से आपदा पुनर्प्राप्ति एवं डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इससे आपदा की स्थिति में महत्वपूर्ण सरकारी डिजिटल सेवाओं को जारी रखने में मदद मिलेगी।
दक्षता विकास योजना के लिए 450 करोड़ रुपए: वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच 4.20 लाख युवाओं को रोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण, डिजिटल स्किलिंग और विदेशों में रोजगार प्राप्त करने के लिए सहायता दी जाएगी।
औद्योगिक नीति संकल्प 2022 में संशोधन: पात्र औद्योगिक पुनर्गठन योजनाओं के लिए स्टाम्प शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। इससे बंद और बीमार औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने, व्यवसाय की निरंतरता और रोजगार बचाने में मदद मिलेगी।
प्राथमिक शिक्षा नियमों में संशोधन: वर्ष 1997 के नियमों में बदलाव कर लेवल-दो अधिकारियों की वरिष्ठता अब लेवल-तीन में सेवा अवधि के बजाय चयन सूची में उनकी स्थिति के आधार पर तय होगी।
डिप्लोमा इंजीनियरों के सेवा कैडर का पुनर्गठन: जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर के पदों का अनुपात संशोधित कर 60:40 किया गया है। कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाए बिना पदोन्नति के अवसर बेहतर होंगे।
तुस्तापल्ली जल भंडारण परियोजना को मंजूरी: बलांगीर जिले में 105.62 करोड़ रुपए की लागत से इन-स्ट्रीम जल भंडारण परियोजना विकसित होगी। इससे सूखे की आशंका वाले 12 गांवों में जल सुरक्षा मजबूत होगी और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।
नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें: 284.07 करोड़ रुपए की लागत वाली योजना के तहत वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पांच वर्षों में अनुमानित 28.7 लाख विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
अस्तरंग मछली बंदरगाह के दूसरे चरण को मंजूरी: 133.81 करोड़ रुपए की परियोजना के तहत 1,960 मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नौकाओं के लिए लैंडिंग और बर्थिंग सुविधाएं विकसित होंगी। करीब 35,000 लोग लाभान्वित होंगे। मछली पकड़ने के बाद होने वाले नुकसान को 20 प्रतिशत से घटाकर सात प्रतिशत करने का लक्ष्य है।
रायरंगपुर में डाक सुविधाओं का विस्तार: आधार केंद्र और डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र सहित डाक संबंधी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सरकारी जमीन देने को मंजूरी दी गई है। इससे लोगों को आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।