ओडिशा की प्रसिद्ध मिठाई 'रसगुल्ला' को सोमवार को जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग (जीआई टैग) मिल गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस टैग का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। इससे पहले रसगुल्ला को बांग्ला रसगुल्ला का टैग था।
बता दें कि रसगुल्ले की उत्पत्ति को लेकर पश्चिम बंगाल और ओडिशा में साल 2015 से विवाद चल रहा था। साल 2017 में पश्चिम बंगाल के रसगुल्ले को जीआई टैग दे दिया गया था। ओडिशा द्वारा इस फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई गई तो जीआई रजिस्ट्रार ने ओडिशा को दो महीने का समय दिया था कि वह इससे संबंधित अपने दावों को साबित करे।
ओडिशा रसगुल्ला के जियो टौग के लिए साल 2017 में ओडिशा स्माल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएसआईसी) और मिठाई व्यापारी संगठन उत्कल मिष्ठान व्यवसायी समिति ने मिलकर आवेदन किया था। बता दें कि रसगुल्ला भगवान जगन्नाथ द्वारा स्थापित की गई राज्य की सदियों पुराने संस्कारों का भाग रहा है। इसका वर्णन 15वीं शताब्दी के ओडिया ग्रंथ 'डांडी रामायण' में भी है।