ओडिशा के गंजाम जिले के एक गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या कर दी गई और उसके शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों को बुजुर्ग पर संदेह था कि वह जादू-टोना करता है इसलिए उसकी हत्या कर दी गई। इस अपराध के पांच आरोपियों को रविवार के दिन गिरफ्तार कर लिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान ढीमरीपंकल गांव के निवासी 75 वर्षीय धर्म नाइक के रूप में की गई है। नाइक की हत्या 29 मार्च को की गई थी। हत्या को आरोप में गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्धों की पहचान ढीमरीपंकल के बुलू नाइक, बुधिराम नाइक, धोबा नाइक, रोहित नाइक के तौर पर की गई है जबकि दास नाइक लिंबाकंप्पा गांव का रहने वाला है। एक समाचार पत्र के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक को शक था कि कुछ ही महीनों के अंदर उसके दो बच्चों की मौत के लिए धर्म नाइक जिम्मेदार है।
जादू-टोने के शक में कर डाली बुजुर्ग की हत्या
समाचार पत्र की रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से लिखा गया, ‘एक आरोपी ने कुछ ही महीनों के भीतर अपने दो बच्चों को खो दिया था। ऐसे में उसे संदेह हुआ कि यह अस्वाभाविक है। आरोपियों ने पिछले कुछ हफ्तों देखा कि धर्म नाइक हर हफ्ते में दो बार उनके घर के बाहर कुछ सामग्री फेंक देता था। ऐसे में उन्हें शक हो गया कि धर्म ही बच्चों की मौत में शामिल था।’
शक के चलते पिछले हफ्ते ही आरोपियों ने बुजुर्ग को पकड़ लिया और उस पर जादू टोना करके दोनों बच्चों को मार डालने का इल्जाम लगाया। ऐसे में उनके बीच वाद-विवाद बढ़ गया और गुस्से में आकर आरोपी ने बुजुर्ग व्यक्ति पर हथौड़े और पत्थर से हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों ने बाद में उसके शव को सरधापुर गांव की नहर के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
आरोपियों ने कुबूला जुर्म
पुलिस ने अगले दिन यहीं से धर्म नाइक का शव बरामद किया और मृतक की बेटी सबिता की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी, जिसके बाद हत्या में शआमिल आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने अपराध कुबूल कर लिया है। उनके पास से खून से सने पत्थर का टुकड़ा, दो मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है।