अवैध फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ओक्टाएफएक्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्पेन में 131.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें एक लग्जरी याट (नौका), एक मिनी जेट बोट, एक महंगी कार और दो रिहायशी मकान शामिल हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत की गई है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां ओक्टाएफएक्स के मास्टरमाइंड पावेल प्रोजोरोव की हैं।
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पुणे पुलिस की ओर से दर्ज एक एफआईआर के आधार पर ईडी ने अपनी जांच शुरू की है। इसमें कई लोगों पर ओक्टाएफएक्स प्लेटफॉर्म के जरिये निवेशकों को मोटे रिटर्न का वादा कर ठगी करने का आरोप है। ईडी ने बताया कि ओक्टाएफएक्स एक अनधिकृत फॉरेक्स ब्रोकर है। इसे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल), सोशल मीडिया मशहूर हस्तियों के जरिये प्रचारित किया गया। इसने फर्जी ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम पर म्यूल (अवैध) खातों के माध्यम से निवेशकों के पैसे इकट्ठा कर धन शोधन किया।
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भारत में 800 करोड़ की अपराध की आय उत्पन्न की
ईडी जांच में पता चला है कि फर्जी डायरेक्टर और फर्जी केवाइसी दस्तावेज के आधार पर ये कंपनियां वैध व्यापारियों बनकर पेमेंट गेटवे तक पहुंच बनाती थीं। ईडी का अनुमान है कि ओक्टाएफएक्स ने भारत में केवल नौ महीनों में कम से कम 800 करोड़ रुपये की अपराध की आय उत्पन्न की। प्रोजोरोव ने निवेशकों से ठगे गए पैसे को फर्जी सेवा आयात के बहाने स्पेन, एस्टोनिया, रूस, हांगकांग, सिंगापुर, यूएई और ब्रिटेन जैसे देशों में भेजा। इससे पहले, ईडी ने प्रोजोरोव की स्पेन में 19 संपत्तियों सहित 296 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं। अब तक इस मामले में ओक्टाएफएक्स और 54 अन्य संस्थाओं के खिलाफ दो चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं।