नुसरत जहां द्वारा अपनी शादी को भारत में अवैध करार देने के बाद निखिल जैन ने भी एक बयान जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि मैंने नुसरत से कई बार अनुरोध किया था कि हमारी शादी का पंजीकरण करा लिया जाए, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। जैन ने नुसरत के उन आरोपों को भी नकारा जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी वस्तुओं और पैसों का दुरुपयोग हो रहा था।
जैन ने कहा कि मैंने नुसरत को बिना किसी रोकटोक के सहयोग किया। लेकिन, थोड़े समय के बाद ही हमारे वैवाहिक जीवन को लेकर उनमें बदलाव आने लगा। उन्होंने कहा कि पांच नवंबर 2020 को नुसरत अपना बैग और अपनी कीमती निजी वस्तुएं लेकर मेरे फ्लैट से चली गई थीं। वह अपने साथ कुछ दस्तावेज भी लेकर गई थीं। इसके बाद से हम कभी एक साथ नहीं रहे।
निखिल ने कहा कि शादी के बाद मैंने नुसरत की भारी होम लोन के ब्याज के बो से निपटने में मदद की थी। मैंने ये समझकर अपने पारिवारिक खातों से पैसा भेजा था कि जब उनके पास रुपये होंगे वह मुझे लौटा देंगी। उनके खाते से जो भी पैसा मेरे खातों में भेजा गया वह उसी की किस्त थी। जैन ने नुसरत के आरोपों को नकारते हुए कहा कि अभी भी बड़ी राशि उन्हें वापस करनी है।
इस विवाद में राजनीति भी शुरू हो गई है। बंगाल भाजपा के नेता अमित मालवीय ने कहा है, 'किसके साथ शादी करनी है और किसके साथ रहना है, यह टीएमसी सांसद नुसरत जहां का व्यक्तिगत मामला है। लेकिन वह जनता द्वारा चुनी गई हैं, उन्होंने संसद में निखिल जैन से अपनी शादी की बात मानी थी और यह ऑन रिकॉर्ड है। तो मैं पूछना चाहता हूं कि क्या उस समय उन्होंने सदन में झूठ बोला था?'
उल्लेखनीय है कि नुसरत जहां और निखिल जैन ने 2019 में तुर्की में विवाह किया था। विवाह समारोह में चुनिंदा लोग शरीक हुए थे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लड़कर जीत हासिल करने वाली जहां ने बाद में कोलकाता के पांच सितारा होटल में भव्य विवाह समारोह का आयोजन किया था। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शरीक हुए थे।