केरल के नन दुष्कर्म मामले के आरोपी जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुल्लकल के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकीं पांच ननों ने शनिवार को कोट्टायम के पुलिस अधिक्षक( एसपी) से मुलाकात की है। ननों ने उनसे कहा कि ऐसी स्थिति पैदा ना करें कि हमें दोबारा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़े।
एसपी हरि शंकर से ननों ने दुष्कर्म मामले में चार्जशीट फाइल होने में देरी को लेकर शिकायत की। मुलाकात के बाद सिस्टर अनुपमा ने बताया कि एसपी ने उन्हें वादा किया है कि चार्जशीट दो से तीन दिनों में फाइल हो जाएगी।
ननों ने एसपी से कहा, "हम क्या समझें कि जांच खत्म हो गई है और चार्जशीट फाइल होने के लिए तैयार है, लेकिन कुछ कारणों से वह नहीं हो पाया है। सरकार और पुलिस गवाहों पर दबाव के बारे में जानते हैं। हम सभी को देश के अलग-अलग भागों में ट्रांसफर करने की कोशिश की गई। ऐसी परिस्थिति में हम आपसे अनुरोध करते हैं कि चार्जशीट जल्द फाइल करें और सभी ननों समेत सभी गवाहों को सुरक्षा प्रदान करें।"
लिखित शिकायत में ननों ने कहा है कि चार्जशीट दाखिल करने में देरी करने से ननों में डर पैदा हो रहा था। अगर एसपी ने जो कहा वह नहीं हुआ तो नन दोबारा प्रदर्शन करेंगी। सिस्टर अनुपमा ने कहा, "हमारी गुहार है कि चार्जशीट जल्द फाइल हो। हम सबसे अनुरोध करते हैं कि हमें दोबारा सड़कों पर आने के लिए मजबूर ना करें।"
बीते साल सितंबर माह में जब कई ननों ने मुल्लकल पर यौन शोषण का आरोप लगाया था को इन सभी ननों ने उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
इससे पहले जनवरी में खबर आई थी कि पीड़ित नन का साथ देने पर इन शभी ननों को सजा सुनाई गई थी। उन्हें मिशनरी ऑफ जीसस कॉन्वेंट ने कहा गया कि वह केरल के कुराविलंगड कॉन्वेंट से चली जाएं। उनसे देश के अन्य हिस्सों में जाकर अपने संगठनों में शामिल होने को कहा गया था।
जालंधर स्थित मंडली के सुपीरियर जनरल रेगिना कदमथोत्तु ने चारों ननों अल्पही पलासेरिल, अनुपमा केलामंगलाथुवेलियिस, जोसेफाइन विल्लेन्निकल और अंकिता उरुंबिल को अलग-अलग लेटर भेजा था। इसमें उन्होंने लिखा है कि ननों ने उनके निर्देशों की बार-बार अवहेलना की है। जिसमें वह उन्हें बोलते आ रहे हैं कि नियुक्ति के मुताबिक वह उन समुदायों में शामिल हों जिनमें वह विहित हैं।