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दुष्कर्म के आरोपी बिशप का विरोध करने वाली नन को धर्मसभा से निकाला

Thu, 08 Aug 2019 02:58 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि

सार

  • ‘द फ्रांसिस्कन क्लारिस्ट धर्मसभा’ से निष्कासित किया गया
  • केरल में रोमन कैथोलिक चर्च की एक नन से जुड़ा है मामला
  • नन के कविता प्रकाशित करने, कार खरीदने को बताया निष्कासन की वजह
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विस्तार
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केरल में एक नन को रोमन कैथोलिक चर्च के अंतर्गत आने वाले ‘द फ्रांसिस्कन क्लारिस्ट धर्मसभा’ (एफसीसी) से निष्कासित कर दिया गया है। यह कार्रवाई नन द्वारा कविता प्रकाशित करने, कार खरीदने और दुष्कर्म के आरोपी एक पूर्व बिशप के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने की वजह से की गई है। 

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अलुवा आधारित धर्मसभा की प्रमुख एन जोसफ की ओर से पांच अगस्त को आरोपी नन लूसी कलाप्पुरा को पत्र जारी किया गया। इसके मुताबिक कलाप्पुरा ‘द फ्रांसिस्कन क्लारिस्ट धर्मसभा’ के नियमों का उल्लंघन करने वाली जीवनशैली अपनाने के मामले में संतोषजनक जवाब देने में असफल रही हैं। लिहाजा उन्हें धर्मसभा से बर्खास्त किया जाता है।

पत्र में लिखा गया कि उन्हें उचित समय पर चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई पछतावा व्यक्त नहीं किया। लिहाजा 11 मई को धर्मसभा की आम परिषद की बैठक में कलाप्पुरा को ‘सर्वसम्मति’ से बर्खास्त करने का फैसला किया गया है। कलाप्पुरा को जनवरी में जारी नोटिस में एफसीसी ने ड्राइविंग लाइसेंस लेने, कार खरीदने, ऋण लेने, किताब प्रकाशित करने और वरिष्ठों की जानकारी के बिना धन व्यय करने को नियमों का उल्लंघन करार दिया था। 
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प्रांतीय वरिष्ठ ने सिस्टर लूसी को कविता संग्रह का प्रकाशन करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। उल्लेखनीय है कि लूसी ने चर्च नेतृत्व को उस समय नाराज कर दिया था जब उन्होंने पिछले साल दुष्कर्म के आरोपी फ्रैंको मुल्लाकल के खिलाफ 5 नन की ओर से वायनाड में आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।

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