भारत में कोरोना वायरस हॉटस्पॉट जिलों की संख्या बुधवार सुबह तक घटकर 129 हो गई। यह संख्या एक पखवाड़ा पहले तक 170 थी। लेकिन, इस दौरान संक्रमण मुक्त इलाके या ग्रीन जोन की संख्या में कमी भी आई है। इन की संख्या अब 325 से घटकर 307 हो गई है। वहीं, इसी समयकाल के दौरान नॉन हॉटस्पॉट जिले या ऑरेंज जोन की संख्या में बढ़त हुई है जो 207 से 297 हो गई है।
केंद्र ने 15 अप्रैल को जिलों को तीन वर्गों में बांटा था। इसके अनुसार ऐसे जिले जहां कोरोना वायरस के कई मामले सामने आ रहे हों या जहां संक्रमण तेजी से फैल रहा हो वे जिले रेड जोन या हॉटस्पॉट में आते हैं। जबकि, ऐसे जिले जहां रेड जोन के मुकाबले संक्रमण के कम मामले हैं, ऑरेंज जोन या नॉन हॉटस्पॉट में आते हैं। वहीं, ऐसे जिले जहां कोविड-19 का कोई मामला सामने नहीं आया है, उन जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है।
इसके साथ ही अगर किसी रेड जोन या ऑरेंज जोन के जिले में एक निश्चित अवधि तक कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आता है तो उसे ग्रीन जोन में रखा जा सकता है। रेड जोन को ग्रीन जोन में करने के लिए जरूरी है कि वहां 28 दिन तक वहां से कोविड-19 संक्रमण का कोई मामला सामने न आए। वहीं, ऑरेंज जोन के लिए यह अवधि 14 दिन तय की गई है।
15 अप्रैल को केंद्र सरकार ने 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 170 जिलों को कोरोना वायरस हॉटस्पॉट की श्रेणी में रखा था। केंद्र ने यह भी कहा था कि 325 जिलों से कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है क्योंकि वहां जमीनी स्तर पर सही कदम उठाए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा था कि देश के 80 जिलों में पिछले सात दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है जबकि 47 जिलों में 14 दिन से कोई नया केस नहीं आया है।