क्लिनिकल ट्रायल में टीका का असर साबित होने के बाद इसे भारत के औषधि नियंत्रक की ओर से अनुमति दी गई थी। दक्षिण एशिया की बैठक में सीरम कंपनी के सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सर्वे वैक्स टीका को 2023 में सीरम कंपनी की ओर से बाजार में लाया जा सकता है।
अगले साल सर्वाइकल कैंसर का स्वदेशी टीका राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होगा। इसके बाद देश में नौ से 14 वर्ष की लड़कियों का टीकाकरण किया जाएगा। राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा ने कहा कि अगले साल सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ स्वदेशी रूप से विकसित ह्यूमन पैपिलोमा वायरस वैक्सीन (एचपीवी) को टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
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टीके का उत्पादन किया जा रहा है
भारत में जीका वायरस के टीके का निर्माण किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने देश का पहला सर्वाइकल कैंसर रोधी टीका लॉन्च किया था जिसे सर्वे वैक्स का नाम दिया गया। टीके का उत्पादन किया जा रहा है और फिलहाल अभी तक यह बाजार में उपलब्ध नहीं है। क्लिनिकल ट्रायल में टीका का असर साबित होने के बाद इसे भारत के औषधि नियंत्रक की ओर से अनुमति दी गई थी। दक्षिण एशिया की बैठक में सीरम कंपनी के सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सर्वे वैक्स टीका को 2023 में सीरम कंपनी की ओर से बाजार में लाया जा सकता है।
टीका 200 से 400 रुपये प्रति खुराक की कीमत पर उपलब्ध होगा
डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि सर्वे वैक्स टीका को डीसीजीआई के साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में इस्तेमाल के लिए सरकारी सलाहकार पैनल की ओर से भी मंजूरी दी गई है। वर्तमान में, सर्वाइकल टीके के लिए विदेशी निर्माताओं पर निर्भरता है। तीन विदेशी कंपनियां इसका निर्माण कर रही हैं, जिनमें से दो भारत में अपने टीके बेचती हैं। बाजार में प्रत्येक खुराक की कीमत चार हजार रुपये से अधिक है। स्वदेशी टीका आने के बाद इसकी कीमत में काफी गिरावट आने की उम्मीद है। सीरम कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि भारत में सर्वाइकल कैंसर का टीका 200 से 400 रुपये प्रति खुराक की कीमत पर उपलब्ध होगा।