मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट साल में दो बार आयोजित नहीं होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) जेईई मेन की तर्ज पर नीट परीक्षा साल में दो बार आयोजित नहीं करेगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। न ही सरकार की ओर से इस मामले में एनटीए को कोई प्रस्ताव दिया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक विनीत जोशी के मुताबिक, देशभर के मेडिकल कॉलेज, एम्स, जिपमर समेत अन्य मेडिकल संस्थानों में दाखिले की प्रवेश परीक्षा नीट साल में दो बार आयोजित नहीं की जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ऐसी किसी योजना पर काम नहीं कर रही है। कुछ छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जेईई मेन की तर्ज पर नीट परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने के लिए पत्र लिखा था। हालांकि, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एनटीए को ऐसे किसी प्रस्ताव या योजना पर काम करने का निर्देश नहीं दिया है।
महानिदेशक के मुताबिक, इंजीनियरिंग और मेडिकल दोनों अलग-अलग विषय हैं। इसीलिए दोनों जेईई मेन और नीट परीक्षा आयोजित करने का ढंग भी अलग है। फिलहाल छात्रों को किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारियों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2020 साल में एक बार ही आयोजित होनी है।
बता दें कि, इससे पहले यह बात सामने आई थी कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) भी ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन मेन (JEE Main) की तरह साल में दो बार आयोजित किए जाने की तैयारी चल रही है। परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के निदेशक विनीत जोशी ने इस संबंध में जानकारी दी थी।
विनीत जोशी ने बताया था कि 'हमें देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों व शिक्षकों ने संदेश भेजा है। वे चाहते हैं कि जेईई मेन की तरह नीट भी साल में दो बार आयोजित की जाए। हालांकि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस संबंध में मंजूरी मिलने के बाद ही हम इस पर आगे का काम शुरू करेंगे।'
उन्होंने बताया है कि फिलहाल नीट 2020 की परीक्षा के पैटर्न या शेड्यूल में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। अगर नीट को साल में दो बार कराने की योजना को नजदीकी भविष्य में मंजूरी मिल भी जाती है, तो भी 2020 में होने वाली एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा NEET पर इसका प्रभाव नहीं होगा। यह 2021 से ही लागू किया जाएगा।